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भूख नहीं लगती, पेट साफ नहीं होता तो ऐसे करें मुनक्का का सेवन, आयुर्वेद में बताया गया है ये उपाय

जिन लोगों को भूख नहीं लगती, पेट साफ नहीं होता उन्हें मुनक्का अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए। मुनक्का को सही तरीके से इस्तेमाल करने पर इन समस्याओं से राहत मिल सकती है। आचार्य बाल कृष्ण ने बताया कैसे सेवन करने से मिलेगा फायदा।

भूख लगने, पेट साफ के लिए मुनक्का का - India TV Hindi
Image Source : INDIA TV भूख लगने, पेट साफ के लिए मुनक्का का

आजकल की अनहेल्दी लाइफस्टाइल के कारण लोगों में पेट की समस्या तेजी से पनप रही हैं। मैदा, बाहर का खाना, फाइबर की कमी और हेल्दी फूड के कारण शरीर में कब्ज की समस्या बढ़ने लगती है। पेट ठीक से साफ नहीं होता और यहीं से रोगों की शुरुआत होती है। आयुर्वेद में पेट और पाचन को ही रोगों की सारी जड़ माना जाता है। ऐसे में अगर आपको कब्ज की शिकायत रहती है। आपको भूख कम लगती है तो इसके लिए दूध में मुनक्का डालकर सेवन करने की सलाह दी जाती है। आचार्य बाल कृष्ण ने बताया दूध में मुनक्का डालकर कैसे उपयोग करें। 

भूख बढ़ाने और कब्ज दूर करने में मुनक्का 

आचार्य बालकृष्ण के मुताबिक जिनको भूख कम लगती है, उसके लिए मुनक्का बहुत फायदेमंद है। ये मेवा नहीं बल्कि दिव्य औषधि की तरह काम करताहै। जिनको भूख कम लगती है वो दूध में मुनक्का उबाल कर नियमित रूप से सेवन कर सकते हैं। इससे भूख बढ़ती है और कब्ज की समस्या दूर रहती है। कब्ज के रोगी अगर 30-40 मुनक्का रात को दूध में डाल के उबाल करके पीते हैं तो फायदा होगा। इससे शारीरिक कमजोरी दूर होगी, भूख भी बढ़ेगी, पेट भी साफ होगा। जिनको ज्यादा कब्ज है वो लोग इसमें थोड़ी ईसबगोल की भूसी मिलाकर भी खा सकते हैं। हालांकि आयुर्वेद में पेट साफ करने के लिए कई सारी औषधियां हैं, जिसमें साफ करने वाले गुण होते हैं। इसके लिए त्रिफला और पंचसकार काफी असरदार है। लेकिन दूध में मुनक्का डालकर पीना एक बहुत ही गुणकारी लाभकारी उपयोग है। 

त्रिदोष बिगड़ने से शरीर में पनपते हैं रोग

आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा ने बताया कि शरीर में बीमारियों का कारण त्रिदोष का बिगड़ना माना जाता है। आयुर्वेद के एक प्रसिद्ध श्लोक के अनुसार-

सर्वेषामेव रोगाणां निदानं कुपिता मलाः।
तत्प्रकोपणमेतत्तु विविधैर्हेतुभिर्भवेत्॥
(अष्टांगहृदयम्, निदानस्थान 1.12)

जिसका अर्थ है शरीर में सभी बीमारियों की मूल वजह वात, पित्त और कफ दोषों का असंतुलित या दूषित होना है। यह असंतुलन या दोष कई कारणों से पैदा होता है, जैसे कि गलत खान-पान की आदतें, अस्वस्थ जीवनशैली और ऐसी जीवनशैली जो प्राकृतिक सेहत के खिलाफ हो। आयुर्वेदिक विशेषज्ञ के अनुसार, सभी रोगों का इलाज एक ही है कि बॉडी के कुपित मल जो जम गए उनकी सफाई की जाए। बॉडी को डिटॉक्स करें, जब शरीर से गंदगी निकल जाएगी तो रोग खुद ही ठीक हो जाएगा।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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