ये पेरेंट्स की जिम्मेदारी होती है कि वो अपने बच्चे की सेहत का खास ध्यान रखें। बच्चों को फिट और हेल्दी रखने के लिए उनकी डाइट का सही होना बेहद जरूरी है। आपने अक्सर देखा होगा कि कई पेरेंट्स अपने छोटे बच्चों को गुड़ या चीनी का सेवन कराते हैं। लेकिन शायद आपको मालूम नहीं कि बच्चों की डाइट में चीनी और गुड़ बहुत सोच समझकर शामिल करना चाहिए। ऐसे में सवाल ये उठता है क्या शिशुओं को चीनी या गुड़ देना ठीक है? ये बहुत कॉमन सवाल है और ज्यादातर पेरेंट्स को नहीं मालूम होता है कि क्या करना चाहिए। ऐसे में डॉक्टर रवि मलिक से जानेंगे बच्चों के लिए गुड़ या चीनी क्या अच्छा है।
क्या कहते हैं डॉक्टर
डॉक्टर रवि मलिक बताते हैं 2 साल से कम उम्र के बच्चों को गुड़ या शुगर नहीं देना चाहिए। वहीं अगर आप 2 साल के बाद बच्चे को चीनी या गुड़ देना चाहते हैं तो उसकी मात्रा बेहद कम से कम होनी चाहिए। अगर गुड़ और चीनी में तुलना की जाए तो बच्चों को गुड़ दी जा सकती है लेकिन वो भी कम मात्रा में। गुड़ में चीनी के साथ साथ कुछ मिनरल्स भी होते हैं जैसे आयरन, मैग्नीशियम जो बच्चों की सेहत को फायदे पहुंचाते हैं।
गुड़ के साइड इफेक्ट्स
गुड़ में उच्च मात्रा में शर्करा होती है, जिससे बच्चों को अचानक से ऊर्जा मिल सकती है, लेकिन इसके बाद थकान और कमजोरी महसूस हो सकता है।
गुड़ में भी चीनी की तरह ही शर्करा होती है। यदि बच्चे इसे बिना ब्रश किए खाते हैं, तो इससे दांतों पर दाग लग सकते हैं और कैविटी का खतरा बढ़ सकता है।
गुड़ अधिक खाने से गैस, कब्ज या पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं, क्योंकि यह शरीर में गर्मी बढ़ा सकता है। विशेष रूप से गर्मियों में इसकी अधिकता से बच्चे चिड़चिड़े हो सकते हैं।
यदि बच्चों में गुड़ का अत्यधिक सेवन होता है, तो यह लंबे समय में उनकी इंसुलिन सेंसिटिविटी को प्रभावित कर सकता है और मधुमेह के खतरे को बढ़ा सकता है।
चीनी के साइड इफेक्ट्स
चीनी में उच्च कैलोरी होती है, जो बच्चों के वजन को बढ़ा सकती है। इससे मोटापे का खतरा रहता है।
अधिक चीनी खाने से बच्चों के मनोबल और मूड में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। चीनी के सेवन से शरीर में इंसुलिन का स्तर बढ़ता है, जिससे ऊर्जा के बाद अचानक गिरावट आती है, जिससे बच्चा चिड़चिड़ा या थका हुआ महसूस कर सकता है।
चीनी दांतों पर चिपक जाती है और बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है, जिससे दांतों में सड़न और कैविटी हो सकती है।
ज्यादा चीनी का सेवन लंबे समय में हृदय की सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है। यह रक्त में ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर बढ़ा सकता है।
चीनी के अत्यधिक सेवन से बच्चों में मूड स्विंग्स, आक्रामकता और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
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