लैंसेट की एक स्टडी (Lancet study) की आई ही जिसमें भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा खुलासा किया गया है। जी हां, इस स्टडी में बताया गया है कि भारत में महिलाओं में होने वाली 23 प्रतिशत मौत का कारण सर्वाइकल कैंसर (cervical cancer in hindi) है। दरअसल, इस रिपोर्ट की मानें तो, एशिया में सर्वाइकल कैंसर के सबसे अधिक मामले भारत में हैं।
दुनियाभर में 40% मौतों का कारण सर्वाइकल कैंसर
लैंसेट (Lancet study) की ये रिपोर्ट बताती है कि दुनिया में सर्वाइकल कैंसर से 40% महिलाओं की मौत हुई है। लेकिन, चिंता की बात यह है कि इसमें भारत टॉप पर है। इसके बाद दूसरा नंबर चीन का है। भारत में जहां 23% महिलाओं की मौत का कारण सर्वाइकल कैंसर है वहीं, चीन में ये 17% पर है। वहीं, 2020 में वैश्विक स्तर पर सर्वाइकल कैंसर के लगभग 6,04,127 नए मामले सामने आए हैं और 3,41,831 मौतें हुई हैं।
एशिया में 58% मामले
द ग्लोबल कैंसर ऑब्जर्वेटरी (GLOBOCAN) 2020 के अनुसार विश्व स्तर पर सर्वाइकल कैंसर के 58% से अधिक मामले एशिया में हैं। इसके बाद अफ्रीका में 20%, यूरोप में 10% और लैटिन अमेरिका में 10% है। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का यह भी कहना है कि सर्वाइकल कैंसर को लेकर सतर्क रहने और समय-समय से इसकी स्क्रीनिंग करना जरूरी है।
सर्वाइकल कैंसर क्या है?
सर्वाइकल कैंसर एक प्रकार का कैंसर है जो यूटरस (गर्भाशय) की कोशिकाओं में होता है। ये आमतौर पर गर्भाशय के निचले हिस्से जो कि योनि से जुड़ता है उसमें होता है। ये आमतौर पर पिलोमावायरस ( human papillomavirus) के कारण होता है। इस बीमारी में समय से स्क्रीनिंग टेस्ट करवाकर और एचपीवी संक्रमण से बचा जा सकता है।
भारत में जल्द ही आएगा सर्वाइकल कैंसर का टीका
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की मानें तो, भारत सर्वाइकल कैंसर को खत्म करने के लिए जल्द ही मानव पेपिलोमावायरस (एचपीवी) टीका बनाने वाला है। साथ ही ये वैश्विक स्तर पर दुनिया भर में भेजे जाएंगे। जिसके तहत भूटान, मालदीव, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड ने सर्वाइकल कैंसर के इलाज के लिए राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण शुरू किया जाएगा।
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