आजकल दो बीमारियों का नाम लोगों को सबसे ज्यादा डराता है। एक हार्ट अटैक और दूसरा कैंसर। इन बीमारियों से बचने के लिए समय-समय पर जांच कराना बहुत जरूरी है। लोगों को लगता है कि हार्ट अटैक अचानक से आता है, लेकिन ऐसा नहीं है। डॉक्टर्स की मानें तो हार्ट अटैक आने से कई सालों पहले भी इसका पता लगाया जा सकता है। इसके लिए कुछ खास जांच कराना जरूरी होता है। अगर आपको हार्ट अटैक का खतरा है, परिवार का इतिहास रहा है तो ये जांच आपको जरूर करानी चाहिए।
सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट साकेत गोयल (MD DM FACC FSCAI) ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है जिसमें उन्होंने बताया कि अगर सही जांच करा ली जाए तो हार्ट अटैक के खतरे से बचा जा सकता है। डॉक्टर साकेत ने एक ऐसे टेस्ट के बारे में बताया है जिसे कराने से हार्ट अटैक के खतरे को सालों पहले पता लगाया जा सकता है। यह इतना स्ट्रॉंग जेनेटिक फैक्टर है कि अगर किसी तुरंत पैदा हुए बच्चे की umbilical cord या गर्भाशय से सैंपल ले लिया जाए तो यह बता सकता है कि उसके माता-पिता को हार्ट अटैक का कितना खतरा है।
हार्ट अटैक आने से पहले पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट कराएं
दिल के डॉक्टर साकेत गोयल ने बताया कि हम रोज ऐसे वीडियो देखते हैं या ऐसी घटनाओं के बारे में सुनते हैं कि अचानक कोई व्यक्ति शादी में, बारात में, ऑफिस में, जिम में गिर गया और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई। इस सबके पीछे एक कारण हो सकता है। हर चौथे भारतीय का यह बढ़ा हुआ आता है। इसका बहुत ही सिंपल ब्लड टेस्ट होता है। इस टेस्ट का नाम है लिपोप्रोटीन ए (Lipoprotein A), ये बहुत ही साधारण खून की जांच है जो अब सबके लिए उपलब्ध है।
हार्ट अटैक के खतरे को बता सकता है लिपोप्रोटीन ए टेस्ट
अब अगर आपका लिपोप्रोटीन ए बढ़ा हुआ है। तो घबराने की जरूरत नहीं है। सिर्फ आपको कुछ सावधानी बरतने की जरूरत है। दूसरी बात इस टेस्ट को बार-बार कराने की जरूरत नहीं होती क्योंकि ये एक जेनेटिक फैक्टर है। हां ये जरूर चेक कर लें कि रिपोर्ट में लिपोप्रोटीन ए बढ़ा हुआ है या एपोलिपोप्रोटीन बढ़ा है। क्योंकि काफी सारे लिपिड प्रोफाइल के साथ में एपोलिपोप्रोटीन ए और बी देते हैं, ApoA, ApoB, तो ApoA लिपोप्रोटीन ए से बिल्कुल अलग टेस्ट है। हमें सिर्फ लिपोप्रोटीन ए देखना है।
लिपोप्रोटीन ए नॉर्मल कितना होना चाहिए?
लिपोप्रोटीन ए की रेंज 30 mg/dl है तो नॉर्मल है। 30 से 50 mg/dl के बीच है तो बॉर्डर लाइन पर हैं और 50 mg/dl से ऊपर है तो हाई है। अगर लिपोप्रोटीन ए हाई है तो आपको हार्ट की बीमारी के खतरे पर हैं। इसके लिए हमें लाइफस्टाइल सही करनी होगी। एंटी इंफ्लेमेटरी डाइट लेनी चाहिए। खाने में जीरो शुगर, लो वीट जैसी डाइट को फॉलो करना है। इसके साथ रेगुलर एक्सरसाइज करनी है, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करनी है और सबसे जरूरी जो बदलाव करना है एक नॉर्मल व्यक्ति का एलडीएल 100 होता है। एक डायबिटीज और हार्ट के मरीज का LDL हम 70 मानते हैं और एक लिपोप्रोटीन ए के साथ हम सभी को अपना LDL कोलेस्ट्रॉल 50 से कम रखना है। ये सबसे जरूरी बदलाव है जो हार्ट अटैक से आपको बचा सकता है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
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