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कई बीमारियों का काल है बन सकता है ये कटीला पौधा, नाम है सत्यानाशी, जानिए कब और कैसे करें इस्तेमाल

आर्युवेद में ऐसी कई फायदेमंद औषधि हैं जिनका इस्तेमाल बीमारियों को ठीक करने में किया जाता है। ऐसा ही एक कटीला पैधा है सत्यानाशी जिसके फायदे जानकर आप हैरान रह जाएंगे। कहीं भी आसानी से उगने वाला ये पौधा इन बीमारियों में फायदा करता है।

सत्यानाशी पौधे का आयुर्वेद में इस्तेमाल- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL सत्यानाशी पौधे का आयुर्वेद में इस्तेमाल

बंजर नदी या फिर पार्क में अपने आप उग आने वाला एक कटीला पौधा है, जिसका इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक दवाओं के रूप में किया जाता है। इस पौधे को सत्यानाशी कहते हैं। खाली जगह या जंगल में ये पौधा अपने आप उग आता है। इस पर पीले रंग ता फूल आता है और पूरे पेड़ में कांटे लगे होते हैं। ये पौधा बड़े कमाल का होता है। जानिए कौन सी बीमारियों में इसका उपयोग किया जाता है और इसका औषधीय महत्व क्या है?

आर्युवेद की बात करें तो सत्यानाशी पौधा बहुत ही फायदेमंद औषधि मानी जाता है। इसके बीजों का इस्तेमाल कर कई बीमारियों में किया जाता है। इसके बीज बिल्कुल सरसों के दानों के बराबर होते हैं। इसके अलावा पीले रंग के फूल भी फायदेमंद होते हैं। सत्यानाशी पौधे को स्वर्णक्षीरी, कटुपर्णी, पीला धतूरा, दारुड़ी नाम से भी जाना जाता है।

सत्यानाशी पौधा कौन सी बीमारियों में फायदा करता है?

इस पौधे का इस्तेमाल कई रोगों की दवा के रूप में किया जाता है। पत्तियों को मलेरिया बुखार, अल्सर और स्किन संबंधी समस्याओं में उपयोग किया जाता है। वहीं जड़ का इस्तेमाल यूरिन संबंधी समस्याओं के साथ स्किन संबंधी रोगों से निजात पाने के लिए भी किया जाता है। इसका रस पोलियो, मोतियाबिंद, आंखो की लालिमा, अस्थमा जैसी बीमारियों में फायदा करता है।

अस्थमा में फायदेमंद- सत्यानाशी पौधे की जड़, पानी या दूध और उसमें स्वादानुसार चीनी डालकर इस्तेमाल करें। इससे अस्थमा और खांसी की समस्या से निजात मिलेगी। बाजार में इसकी गोलियां भी मिलती है। दिन में 3 बार पानी के साथ 1-1 टेबलेट लेने से अस्थमा में फायदा मिलेगा।

स्किन संबंधी समस्याएं दूर- जिन लोगों को स्किन से जुड़ी समस्याएं रहती हैं उनके लिए भी ये पौधा फायदेमंद साबित होता है। आयुर्वेद में सत्यानाशी तेल, सत्यानाशी रस और सत्यानाशी दूध का उपयोग त्वचा के लिए किया जाता है। इससे पुराने फोड़े और खुजली की समस्या दूर होती है।

छाले में आराम- मुंह में छाले होने पर सत्यनाशी के कोमल डंठल और पत्तियां चबाने से राहत मिलती है। इसके पत्तों को चबाने के कुछ देर बाद थोड़ा दही और चीनी खाने से भी मुंह के छालों में तुरंत राहत मिलती है।

कब्ज में राहत- गैस कब्ज की समस्या होने पर सत्यनाशी पौधे की जड़ और अजवाइन को उबालकर काढ़ा बना लें। इसे सुबह शाम पीने से गैस कब्ज की समस्या को कुछ दिनों में ही ठीक किया जा सकता है।

(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)

 

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