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शारीरिक जीवन शक्ति को बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर तुलसी, आयुर्वेद में इन बीमारियों में माना गया है फायदेमंद

तुलसी सिर्फ धार्मिक पौधा ही नहीं है बल्कि इसे आयुर्वेद में सबसे बड़ी औषधि में से एक माना गया है। तुलसी का सेवन रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने से लेकर दिमाग को स्वस्थ बनाने तक में मदद करती है। आइये जानते हैं तुलसी के फायदे और महत्व।

आयुर्वेद में तुलसी के फायदे- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV आयुर्वेद में तुलसी के फायदे

तुलसी विटामिन और मिनरल से भरपूर एक औषधीय पौधा है। बीमारियों को ठीक करने और शारीरिक जीवन शक्ति को बढ़ाने वाले गुणों से भरपूर तुलसी के पौधे को धरती पर ईश्वर का अवतार माना जाता है, क्योंकि आयुर्वेद और धर्म ग्रंथों में मानवता के लिए इससे अधिक फायदेमंद कोई दूसरी औषधीय पौधा नहीं है। सिर्फ इतना ही नहीं धार्मिक महत्व की वजह से आपको हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा मिल जाएगा। तुलसी की कई किस्में मौजूद हैं, जिनमें 'श्वेता' और 'कृष्णा' सबसे ज्यादा होती हैं। इन्हें लोग रामा तुलसी और कृष्णा तुलसी भी कहते हैं। आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा से जानते हैं आयुर्वेद में तुलसी को इतना फायदेमंद क्यों माना गया है।

आयुर्वेद में तुलसी को कई औषधियों इस्तेमाल किया जाता है। “चरक संहिता” और “सुश्रुत संहिता” में तुलसी के गुणों का विस्तृत विवरण मिलता है।

"श्वासे तुलसी हितं"- यानि तुलसी श्वसन क्रिया के लिए फायदेमंद है।
"तुलसीं मनःप्रसादनं"- यानि तुलसी मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन को बढ़ावा देती है।
"अमृततुल्यं तुलसी"- इम्यूनिटी को मजबूत करने में तुलसी अमृत के बराबर है।

तुलसी के प्रमुख औषधीय गुण

  • पाचन मजबूत- तुलसी का इस्तेमाल करने से पेट में एसिड का संतुलन बेहतर होता है। इससे गैस, कब्ज़ और अपच जैसी समस्याएं दूर होती हैं और पाचन तंत्र बेहतर बनता है। तुलसी एक एडाप्टोजेन के तौर पर काम करते हुए तनाव और एंग्जायटी को कम करती है, जिससे दिमाग स्वस्थ और एकाग्रता बढ़ती है। 
  • वात, पित्त और कफ का संतुलन- तुलसी की तासीर गर्म होती है। जिससे ये शरीर में होने वाले त्रिदोष वात और कफ को शांत करती है।
  • हार्ट और लिवर के लिए फायदेमंद- तुलसी में मौजूद कंपाउंड इंसुलिन सेंसिटिविटी को बढ़ाते हैं और ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद करते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने, ब्लड प्रेशर को रेगुलेट करने और दिल की बीमारी के जोखिम को कम करने में भी मदद करता है। 
  • रतौंधी में फायदेमंद- जिन लोगों को रात में साफ देखने में परेशानी होती है, उनके लिए तुलसी बहुत उपयोगी है। इससे रतौंधी रोग में फायदा मिलता है। आपको दिन में दो से तीन बार अपनी आंखों में ताजा तुलसी के पत्तों का 2-3 बूंद रस डालना है।
  • इम्यूनिटी और इन्फेक्शन से बचाए- तुलसी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन C और जिंक शरीर की इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं। इसके एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण सर्दी, खांसी, बुखार और गले के इन्फेक्शन जैसी बीमारियों से बचाव करते हैं।
  • साइनसाइटिस में फायदेमंद- अगर आप साइनसाइटिस से पीड़ित हैं, तो तुलसी के पत्तों या फूलों की स्पाइक्स को कुचलें और उनकी सुगंध लें। इन कुचली हुई पत्तियों की सुगंध सूंघने से स्थिति से तुरंत राहत मिलती है।
  • दस्त और पेट में ऐंठन से राहत- कई बार गलत खान-पान या दूषित पानी की वजह से दस्त की समस्या हो जाती है, खासकर बच्चे इससे ज़्यादा प्रभावित होते हैं। तुलसी के पत्ते दस्त और पेट में ऐंठन जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में असरदार होते हैं। इस उपाय को आज़माने के लिए 10 तुलसी के पत्ते और 1 ग्राम जीरा एक साथ पीस लें, इस पेस्ट को शहद के साथ मिलाएं और इसका सेवन करें।

1 दिन में कितनी तुलसी इस्तेमाल करें

आमतौर पर आप सीमित मात्रा में तुलसी का उपयोग कर सकते हैं। इसके लिए सामान्य मात्रा है जो हम बता रहे हैं। किसी खास बीमारी के इलाज के लिए किसी आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह लें।

तुलसी पाउडर (चूर्ण)- 1–3 ग्राम
तुलसी रस- 5–10 ml
तुलसी का गाढ़ा अर्क- 0.5–1 ग्राम
तुलसी अर्क- 0.5–1 ग्राम
तुलसी काढ़े का पाउडर- 2 ग्राम या डॉक्टर की सलाह के अनुसार।

डॉक्टर चंचल शर्मा के मुताबिक तुलसी एक ऐसा पदार्थ है जिसका सेवन करने से आपके वात पित्त और कफ के दोषों को प्राकृतिक रूप से संतुलित किया जा सकता है। इसके गुण आपके शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं और आपको बीमारियों से दूर रखते हैं। इससे खांसी, अस्थमा, बुखार, पीलिया, पथरी, टाइफाइड में आराम मिलता है। महिलाओं को डिलीवरी के बाद होने वाले दर्द से भी राहत देती है, एक तुलसी के पत्ते में इतने औषधीय गुण होते हैं, कि आपको जानकर यकीन नहीं होगा। सुबह खाली पेट तुलसी का सेवन करें और अपनी सेहत मजबूत बनाएं।

Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)

 

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