कहावत है कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी पूंजी है। स्वस्थ शरीर से बड़ी कोई चीज नहीं हो सकती। लेकिन पिछले कुछ सालों में बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं। भारत में किडनी संबंधी बीमारियों को लेकर काफी चिंताएं रही हैं। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर साल 2 लाख से ज़्यादा लोग किडनी की बीमारियों से मरते हैं। यह एक बहुत बड़ी संख्या है और इसके लिए किडनी के प्रति तुरंत ध्यान देने और जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है।
किडनी संबंधी बीमारियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और समझ बनाने के लिए, इंडिया टीवी स्पीड न्यूज़ वेलनेस वीकेंड कार्यक्रम आयोजित किया, जिसमें नेफ्रोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. संजीव सक्सेना ने चर्चा की कि अक्यूट और क्रॉनिक किडनी बीमारियों से कैसे बच सकते हैं। कैसे किडनी से जुड़े विकारों का उनके शुरुआती स्टेज में पता लगाया जा सकता है।
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सबसे पहले आपको ये जानना जरूरी है कि अक्यूट और क्रॉनिक किडनी बीमारियों में क्या अंतर होता है। अक्यूट किडनी डिजीज अचानक किडनी फ़ंक्शन है जो शारीरिक चोट या किसी इंफेक्शन के कारण पैदा हो सकती है। यह कुछ घंटों या दिनों में विकसित होता है और सही इलाज से इसे ठीक किया जा सकता है। वहीं क्रोनिक किडनी डिजीज एक लंबे समय में होने वाली बीमारी है जिसमें किडनी लंबे समय तक अपना फंक्शन कम कर देती है। ऐसा डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के कारण हो सकता है।
किडनी की बीमारियों के शुरुआती लक्षण
किडनी फेल होने के शुरुआती लक्षण बहुत हल्के होते हैं और बहुत आसानी से नज़रअंदाज़ किए जा सकते हैं। इनमें थकान, कमज़ोरी, पैर में सूजन, पेशाब के पैटर्न में बदलाव और पेशाब में खून आना जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं। ये कई बार किसी दूसरी बीमारी के भी कारण हो सकते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि डॉक्टर से सलाह लें।
किडनी को सुरक्षित कैसे रखें?
डॉक्टर ने बताया किडनी को हेल्दी रखने के लिए हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं। जिसमें नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, कम नमक, कम चीनी और भरपूर पानी पीने की आदत बनाएं। आपको अपने ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर की जांच करवाते रहना भी जरूरी है। क्योंकि इनसे किडनी की बीमारी का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है।
जीवनशैली में बदलाव के अलावा, कुछ अन्य उपाय भी करें जिससे किडनी को सुरक्षित रख सकें। धूम्रपान छोड़ना सबसे प्रभावी तरीकों में से एक है। धूम्रपान न केवल फेफड़ों को बल्कि किडनी के कामकाज को भी प्रभावित करके उन्हें भी नुकसान पहुंचाता है। अत्यधिक शराब पीने से बचना चाहिए क्योंकि इससे हाई ब्लड प्रेशर और दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। ज्यादा नमक और चीनी का सेवन न करें।
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