आंखों में खुजली, लालिमा और पलकों पर पपड़ी जमने की क्या है वजह? जानें कब डॉक्टर के पास जाएं
आंखों में खुजली, लालिमा और पलकों पर पपड़ी जमने की समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर बता रही हैं सही समय पर कारण का पता लगाना क्यों ज़रूरी हैं

सुबह उठते ही अगर आपकी पलकें चिपकी हुई मिलें, किनारों पर सूखी पपड़ी जमी दिखे और आंखें लाल होकर खुजला रही हों, तो ज़्यादातर लोग इसे धूल-मिट्टी का असर मानकर पानी के छींटे मार लेते हैं। द्वारका स्थित डॉक्टर अग्रवाल आई हॉस्पिटल में मोतियाबिंद विशेषज्ञ डॉक्टर अमीता कौल कहती हैं कि हर बार ये लक्षण मामूली नहीं होते। चलिए जानते हैं ऐसा कब होता है और किस स्थिति में इसे नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए?
आंखों में खुजली और जलन के कारण
इनका सबसे आम कारण है ब्लेफेराइटिस, यानी पलकों के किनारों की सूजन। पलकों की जड़ों में छोटी-छोटी तेल ग्रंथियां होती हैं। जब ये बंद हो जाती हैं या वहां बैक्टीरिया बढ़ने लगते हैं, तो पलकें सूज जाती हैं और रूसी जैसी पपड़ी बनने लगती है। जिन लोगों को सिर में रूसी या चेहरे पर रोज़ेशिया की दिक्कत रहती है, उन्हें यह तकलीफ ज़्यादा होती है। दूसरा बड़ा कारण है एलर्जी। पराग, धूल, पालतू जानवरों के बाल या किसी सौंदर्य उत्पाद से आंखों में तेज़ खुजली और पानी आना शुरू हो जाता है। तीसरा, ड्राई आई, यानी आंखों का सूखापन, जो मोबाइल और कंप्यूटर पर घंटों नज़र टिकाए रखने से आजकल बहुत आम हो गया है। इसके अलावा कंजंक्टिवाइटिस यानी आंख की ऊपरी परत में संक्रमण भी लालिमा पैदा करता है।
घर पर क्या करें?
हल्की तकलीफ में शुरुआती देखभाल अक्सर राहत दे देती है। साफ कपड़े को गुनगुने पानी में भिगोकर पलकों पर पांच से दस मिनट रखें। इससे पपड़ी नरम होती है और ग्रंथियों में जमा तेल पिघलता है। रुई या साफ कपड़े से पलकों के किनारे हल्के हाथ से साफ करें। आंखें बार-बार न रगड़ें, क्योंकि इससे संक्रमण और फैल सकता है। जब तक आराम न मिले, आई मेकअप और कॉन्टैक्ट लेंस से दूरी रखें। तौलिया और तकिये का कवर अलग और साफ रखें।
इन स्थितियों में देर न करें
-
एक हफ्ते तक घरेलू देखभाल के बाद भी आराम न मिलना
-
आंख में तेज़ दर्द होना
-
धुंधला दिखना या रोशनी चुभना
-
आंख से गाढ़ा पीला या हरा स्राव आना
-
पलक का बहुत ज़्यादा सूज जाना, या सूजन का गाल तक फैल जाना
-
आंख में चोट लगने या कोई बाहरी कण जाने के बाद लालिमा
-
कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वालों की आंख में लालिमा और दर्द
-
बार-बार वही समस्या लौट आना
रोकथाम के आसान उपाय
-
हर 20 मिनट में 20 सेकंड का ब्रेक लें और 20 फीट दूर देखें। साथ ही, सामान्य तौर पर हम एक मिनट में लगभग 14 से 16 बार पलकें झपकाते हैं, लेकिन जब हम बहुत देर तक स्क्रीन देखते हैं तो पलकें झपकाना भूल जाते हैं। इसलिए स्क्रीन का इस्तेमाल करते समय पलकें झपकाने को हमेशा प्राथमिकता देनी चाहिए।
-
चेहरा और पलकें रोज़ साफ रखें। सोने से पहले सोने से पहले कॉन्टैक्ट लेंस ज़रूर उतारें और मेकअप ज़रूर निकाल दें। आंखों को रगड़ने और खुजलाने से बचें, और आंखों के अंदर पानी के छींटे न मारें।धूल और धूप भरी जगहों पर चश्मा पहनें और भरपूर पानी पिएं।
-
आंखें बहुत नाज़ुक अंग हैं और इनके लक्षण अक्सर शुरुआत में ही बता देते हैं कि कुछ गड़बड़ है। थोड़ी सतर्कता और समय पर जांच से ज़्यादातर समस्याएं आसानी से ठीक हो जाती हैं। इसलिए अगर तकलीफ टिके या बढ़े, तो नेत्र रोग विशेषज्ञ से मिलने में हिचकिचाएं नहीं।
-
साथ ही अपनी मर्ज़ी की दवा लेने से बचें, बिना जांच के स्टेरॉयड वाली ड्रॉप डाल लेना आपके लिए खतरनाक हो सकता है। ये ड्रॉप कुछ समय के लिए लालिमा घटा देती हैं, पर गलत इस्तेमाल से आंख का दबाव बढ़ सकता है, मोतियाबिंद का खतरा रहता है और संक्रमण बिगड़ सकता है। इसलिए पुरानी पर्ची या पड़ोसी की सलाह पर दवा न लें।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)