सिरदर्द एक आम समस्या है, जिसे अक्सर लोग थकान, तनाव, नींद की कमी या लंबे समय तक मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल करने से जोड़कर देखते हैं। हालांकि, बार-बार सिरदर्द कुछ स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। गाजियाबाद के यशोदा मेडिसिटी में प्रिंसिपल कंसल्टेंट और न्यूरोसर्जन, डॉक्टर गौरव बत्रा, बता रहे हैं कि बार-बार सिरदर्द होना किन बीमारियों का संकेत हो सकता है और किस स्थिति में आपको जानें डॉक्टर के पास जाना चाहिए?
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माइग्रेन: माइग्रेन में सिर के एक या दोनों तरफ तेज दर्द हो सकता है। इसके साथ मतली, उल्टी और रोशनी या तेज आवाज के प्रति संवेदनशीलता भी महसूस हो सकती है।
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हाई ब्लड प्रेशर: बहुत अधिक बढ़ा हुआ रक्तचाप कुछ स्थितियों में सिरदर्द के साथ दिखाई दे सकता है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर के ज्यादातर मामलों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते।
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तनाव और नींद की कमी: डॉक्टर गौरव बत्रा कहते हैं कि अगर आप बहुत ज़्यादा तनाव लेते हैं तो इस वजह से भी यह परेशानी हो सकती हैं। मानसिक तनाव, चिंता, अनियमित दिनचर्या और पर्याप्त नींद न लेने से सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।
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साइनस की समस्या: साइनस में सूजन या संक्रमण होने पर माथे, आंखों के आसपास और चेहरे पर दबाव या दर्द महसूस हो सकता है। इसके साथ नाक बंद होना भी संभव है।
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न्यूरोलॉजिकल समस्याएं: कुछ मामलों में बार-बार होने वाला या असामान्य सिरदर्द मस्तिष्क से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। हालांकि, केवल सिरदर्द के आधार पर किसी गंभीर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।
कब जाएं डॉक्टर के पास?
डॉक्टर गौरव बत्रा कहते हैं कि अगर सिरदर्द बार-बार होता है, धीरे-धीरे बढ़ रहा है या दवाइयों के बावजूद ठीक नहीं हो रहा है, तो न्यूरोसर्जन से परामर्श लेना चाहिए। जांच के दौरान यदि मस्तिष्क या रीढ़ से जुड़ी ऐसी समस्या सामने आती है, जिसमें सर्जरी की आवश्यकता हो सकती है, तो न्यूरोसर्जन की सलाह ली जा सकती है।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
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