क्या आप सुबह-सुबह रनिंग या फिर साइकिलिंग करती हैं? इस मौसम में धूप के साथ हल्की सर्द हवा में दौड़ लगाने में आपको बहुत मजा आएगा। धूप में वर्कआउट-फिजिकल एक्टिविटी करना जरूरी है। आपको अपने हिस्से की धूप समेटने में आलस नहीं दिखाना चाहिए। धूप किसी टॉनिक से कम नहीं है। ज्यादा नहीं, सुबह-सुबह बस दस-पंद्रह मिनट धूप में रहने से मूड बदल जाता है और मॉर्निंग सिकनेस की परेशानी तुरंत दूर होती है। इतना ही नहीं, मौसम कोई भी हो, सन लाइट आपको कई बीमारियों से भी बचाती है। ऐसी कई स्टडीज हैं जो बताती हैं कि बॉडी क्लॉक धूप से अपने आप को सिंक्रोनाइज कर लेती है। धूप लेने से जोड़ों में दर्द, मांसपेशियों की परेशानी, टाइप टू डायबिटीज के खतरे कम होते हैं। धूप लेने से बीपी और वजन भी कंट्रोल रहता है क्योंकि सुबह की रौशनी से विटामिन डी मिलता है। वहीं, जब आप ज्यादातर बंद कमरों में रहते हैं, तो कई बीमारियां भी ट्रिगर करती हैं।
सूरज की रौशनी सेहत के लिए वरदान है। विटामिन डी का सोर्स होने के साथ ये अनगिनत फायदे देती है और ये कम से कम अपने देश में तो हर जगह, हर मौसम में बिल्कुल फ्री मिलती है। लेकिन इसके बाद भी देश के 80% लोगों में इस न्यूट्रिशन की भारी कमी है। देश की 90% महिलाओं में विटामिन डी की कमी है। इस बात को जानता-समझता तो हर कोई है लेकिन दिक्कत ये है कि सुबह-सुबह लोगों के पास धूप में बैठने का वक्त ही नहीं है और विटामिन डी का खाने-पीने से मिलने वाला जो मेन सोर्स है, वो भी ज्यादातर नॉनवेज ही है। ऐसे में तो उपाय योगगुरु स्वामी रामदेव से जानना होगा, क्या बिना धूप लिए योगाभ्यास-प्राणायाम से विटामिन डी की कमी पूरी की जा सकती है और जो शाकाहारी हैं वो ऐसा क्या खाएं जिससे विटामिन डी की कमी न हो।
गौर करने वाली बात
100 में 66% एनिमिक- आयरन की कमी से
80% लोगों में विटामिन- डी कम
74% में है विटामिन बी-12 की कमी
70% महिलाओं में कैल्शियम की कमी
विटामिन- डी की कमी
जानलेवा बीमारी से मौत का खतरा 25% ज्यादा
जोड़ों में दर्द
कैंसर का डर
तेजी से वेट लॉस
विटामिन- बी12 की कमी
रेड ब्लड सेल्स में कमी
ऑर्गन्स में ऑक्सीजन सप्लाई कम
बैकपेन
इर्रेगुलर हार्टबीट
चिड़चिड़ापन
डेफिशिएंसी - बीमारी
विटामिन ए - आंखों के रोग, बच्चों की ग्रोथ कम
कैल्शियम - हड्डी, दांत के रोग
विटामिन बी12 - न्यूरो प्रॉब्लम, याददाश्त कमजोर
आयरन - एनीमिया
विटामिन डी - डिप्रेशन, थकान
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