कई बार किसी को गंभीर चोट लग जाए तो आसपास के लोग घबरा जाते हैं। ऐसी स्थिति में मेडिकल हेल्प के लिए फोन तो लगा दिया जाता है, लेकिन उस व्यक्ति को जरूरी फर्स्ट एड नहीं मिल पाता है। इमरजेंसी में सही फर्स्ट एड मिल जाए तो जान बचाना आसान हो जाता है। आर्टेमिस हॉस्पिटल्स में सीनियर कन्सल्टेंट इंटरनल मेडिसिन डॉ. पी वेंकट कृष्णन कहते हैं कि ऐसे में कुछ जरूरी बातों का सभी को पता होना चाहिए, जिससे आपात स्थिति में किसी को फर्स्ट एड दिया जा सके।
सीपीआर है जीवन रक्षक
अगर किसी एक्सीडेंट या अटैक के कारण व्यक्ति की सांसें उखड़ रही हों, तो सीपीआर से बेहतर जीवन रक्षक कोई नहीं है। सबसे पहले व्यक्ति को धीरे से हिला-डुला कर देखें कि वह आपकी बातों पर प्रतिक्रिया दे रहा है या नहीं। इसके बाद व्यक्ति को बिस्तर पर लिटा कर गर्दन को तकिए पर रखते हुए सिर को थोड़ा पीछे झुका दें। इससे सांस का रास्ता खुल जाता है। सीने के बीच में जोर-जोर से दबाएं और 30 कंप्रेशन के बाद दो रेस्क्यू ब्रीद दें (अपने मुंह से सांस दें)। ऐसा मेडिकल हेल्प आने तक या मरीज के होश में आने तक करें।
चोट का रखें ध्यान
अगर किसी को चोट लगी हो, तो उस स्थिति में भी फर्स्ट एड बहुत अहम है। चोट को साफ करें और किसी साफ कपड़े से दबाकर खून को रोकने की कोशिश करें। अगर चोट शरीर के निचले हिस्से में लगी है और अगर संभव हो तो मरीज को लिटाकर चोट वाले अंग को थोड़ा ऊपर कर दें। इसके बाद किसी साफ कपड़े या पट्टी से चोट को बांध दें।
इन बातों को भी जानना जरूरी
इनके अतिरिक्त भी कुछ मेडिकल इमर्जेंसी होती हैं, जिनमें फर्स्ट एड महत्वपूर्ण होता है। जैसे अगर किसी वजह से व्यक्ति की सांस अटकने लगे, तो पीठ पर हल्की सी थाप दें और सांसों को सामान्य करें। जलने की स्थिति में उस हिस्से को लगातार बहते पानी से ठंडा रखने से मदद मिलती है। अगर फ्रैक्चर का मामला हो, तो आरआईसीई (राइस) मैथड अपनाया जाता है। आर से रेस्ट यानी आराम करना, आई से आइस यानी बर्फ लगाना, सी से कंप्रेशन यानी दबाकर रखना और ई से एलिवेशन यानी चोट वाले हिस्से को थोड़ा उठाकर रखना।
Disclaimer: (इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।)
Latest Health News