हेपेटाइटिस लीवर से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जो मुख्य रूप से वायरल इन्फेक्शन के कारण होती है। इस बीमारी में लीवर में सूजन आ जाती है। भारत सहित दुनिया भर में हेपेटाइटिस के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं। यह फैटी लीवर, लीवर सिरोसिस और लीवर कैंसर जैसी अन्य गंभीर बीमारियों का कारण भी बन रहा है। लीवर से जुड़ी इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 28 जुलाई को 'विश्व हेपेटाइटिस दिवस' मनाया जाता है। आकाश हेल्थकेयर के इंटरनल मेडिसिन और वरिष्ठ सलाहकार डॉ. प्रभात रंजन सिन्हा हमें हेपेटाइटिस से बचाव के बारे में बता रहे हैं।
क्या है हेपेटाइटिस?
हेपेटाइटिस एक वायरल इन्फेक्शन है जो लीवर को प्रभावित करता है और उसमें सूजन पैदा करता है। हेपेटाइटिस ए, बी, सी, डी और ई जैसे वायरस इस सूजन के लिए ज़िम्मेदार होते हैं। यह बीमारी अब एक महामारी का रूप ले चुकी है, और इसकी वजह से होने वाली मौतों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
हेपेटाइटिस के लक्षण
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थकान, शरीर में सूजन और दर्द
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वजन लगातार कम होना
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पेशाब का रंग गहरा होना
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मल का रंग मिट्टी जैसा होना
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बहुत ज़्यादा कमज़ोरी महसूस होना
हेपेटाइटिस के कारण
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संक्रमित रक्त से संपर्क: हेपेटाइटिस बी और सी मुख्य रूप से रक्त संपर्क से फैलते हैं। इसका मतलब है कि अगर किसी हेपेटाइटिस संक्रमित व्यक्ति का रक्त किसी भी तरह से स्वस्थ व्यक्ति के रक्त के संपर्क में आता है, तो संक्रमण फैल सकता है। इसलिए, रक्त संपर्क के बाद अच्छी तरह हाथ धोना ज़रूरी है।
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असुरक्षित यौन संबंध: असुरक्षित यौन संबंध और कई यौन साथी होने से हेपेटाइटिस के संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। जो लोग पहले से ही हेपेटाइटिस से संक्रमित हैं, उनके साथ यौन संबंध बनाने पर यह बीमारी फैल सकती है, इसलिए उचित गर्भनिरोधक का उपयोग करें।
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असुरक्षित सुइयों का उपयोग: असुरक्षित सुइयों का उपयोग और गैर-पेशेवर द्वारा टैटू बनवाना भी हेपेटाइटिस फैलाने का एक बड़ा कारण है। हमेशा सुनिश्चित करें कि टैटू बनवाते समय नई और साफ सुइयों का उपयोग किया जाए।
हेपेटाइटिस से बचाव के लिए कौन सा टीका लगाएं?
किसी भी संक्रमण से बचने के लिए समय पर टीकाकरण बहुत ज़रूरी है। हेपेटाइटिस से बचाव के लिए हेपेटाइटिस ए और बी के टीके बहुत प्रभावी हैं। ये टीके वायरस के खिलाफ मज़बूत प्रतिरक्षा प्रणाली बनाने में मदद करते हैं। आपको अपने डॉक्टर से परामर्श करके इन टीकों को लगवाना चाहिए।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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