नई दिल्ली: साल 2016 में आस्था का दो सबसे बड़ा मेला लगेगा। हरिद्वार में जहां अर्धकुंभ तो वहीं उज्जैन में लगेगा महाकुंभ मेला। कुंभ पर्व हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु कुंभ पर्व स्थल में स्नान करते हैं। खगोल गणनाओं के अनुसार यह मेला मकर संक्रांति के दिन प्रारम्भ होता है, जब सूर्य और चन्द्रमा, वृश्चिक राशी में और वृहस्पति, मेष राशी में प्रवेश करते हैं। मकर संक्रांति के होने वाले इस योग को "कुंभ स्नान-योग" कहते हैं और इस दिन को विशेष मंगलिक माना जाता है।
हरिद्वार में जनवरी 2016 में आयोजित होने वाले 'अर्धकुंभ' में इस बार 10 स्नान होंगे। श्री गंगा सभा की विद्वत परिषद ने इन स्नानों की घोषणा की है। स्नान जनवरी से प्रारंभ होकर अप्रैल तक चलेंगे। अर्द्धकुंभ का पहला स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन व मुख्य स्नान 14 अप्रैल को होगा।
अर्द्ध कुंभ के मुख्य स्नान.....
पहला स्नान-14 जनवरी, बृहस्पतिवार, मकर संक्रांति
दूसरा स्नान-08 फरवरी, सोमवार, सोमवती अमावस्या
तीसरा स्नान-12 फरवरी, शुक्रवार, बसंत पंचमी
चौथा स्नान-22 फरवरी, सोमवार, माघ पूर्णिमा
पांचवा स्नान-7 मार्च, सोमवार, महा शिवरात्रि
छठा स्नान-7 अप्रैल, बृहस्पतिवार, चैत्र अमावस्या
सातवां स्नान-8 अप्रैल, शुक्रवार, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा
आठवां स्नान-14 अप्रैल, बृहस्पतिवार, मेघ सक्रांति
नौवा स्नान-15 अप्रैल, शुक्रवार, रामनवमी
दसवां स्नान-22 अप्रैल, शुक्रवार, चैत्र शुक्ल पूर्णिमा
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