बेंगलुरु। कर्नाटक से आज एक चौंका देने वाली खबर सामने आई। कैफे कॉफी डे के संस्थापक और मालिक वी जी सिद्धार्थ अचानक लापता हो गए, सोमवार की शाम उन्हें मंगलुरू के पास नेत्रावती नदी पर बने एक पुल पर आखरी बार देखा गया। वी जी सिद्धार्थ सोमवार सुबह बेंगलुरु से सकलेशपुर के लिए निकले थे लेकिन बीच रास्ते में उन्होंने अपने ड्राइवर बसवराज को गाड़ी मंगलुरू की तरफ ले जाने को कहा।
नत्रावती नदी पर बने पुल से कुछ दूरी पर मौजूद एक टोल प्लाजा से उनकी गाड़ी की आखरी तस्वीरें सामने आई हैं, इन तस्वीरों से पता चलता है कि शाम 5 बजकर 28 पर उनकी काली इनोवा टोल से गुजरते हुए पुल की तरफ बढ़ती हुई दिखाई दे रही है।
सिद्धार्थ के ड्राइवर बसवराज ने पुलिस को बताया कि नेत्रावती नदी के ब्रिज पर आधा रास्ता पार करने के बाद सिद्धार्थ ने गाड़ी रोकने को कहा वे गाड़ी से नीचे उतर गए ड्राइवर से कहा कि वह पुल के दूसरे छोर पर उनका इंतजार करे, और इसके बाद वे नहीं लौटे।
पुलिस के मुताबिक शाम करीब सवा 6 बजे उनके फोन से एक कॉल किया गया जिसके बाद शाम 7 बजकर 51 मिनट पर उनके ड्राइवर बसवराज ने जब उन्हें फोन किया तो उनका फोन स्विच ऑफ हो गया था। ड्राइवर की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मिसिंग का केस दर्ज कर लिया है और कल देर शाम से अब तक लगातार नेत्रावती नदी का कोना-कोना कोना छाना आ जा रहा है।
इसके लिए स्थानीय पुलिस, कोस्टल पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, स्थानीय मछुआरों समेत नेवी और कोस्ट गार्ड की भी मदद ली जा रही है। 200 से ज्यादा लोगों की टीम सिद्धार्थ के सर्च ऑपरेशन में जुटी हुई है लेकिन अभी तक सिद्धार्थ का कोई सुराग नहीं मिल पाया है।
वीजी सिद्धार्थ कर्नाटक के पूर्व सीएम और पूर्व विदेश मंत्री एसएम कृष्णा के दामाद भी हैं, इसीलिए आज बेंगलुरु में उनके आवास पर बड़े-बड़े नेताओं का तांता लगा रहा। सबसे पहले कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा उनके आवास पर पहुंचे। इसके बाद फॉर्मर पीएम एच डी देवेगौड़ा फॉर्मर सीएम सिद्धरामैया और कुमारस्वामी भी एसएम कृष्णा से मिलने उनके घर पहुंचे। कांग्रेस के नेता और पूर्व जल संसाधन मंत्री डीके शिवकुमार ने कहा कि उन्हें इस मिसिंग मिस्ट्री में कुछ संदेह है इसीलिए मामले की सघन जांच होनी चाहिए।
सोमवार शाम लापता हुए कैफे कॉफी डे के मालिक वी जी सिद्धार्थ का एक लेटर भी आज सामने आया जो उन्होंने 27 जुलाई को अपनी कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स और कर्मचारियों को लिखा था। इस लेटर में उन्होंने साफ-साफ लिखा है कि एक उद्योगपति के तौर पर वे असफल रहे हैं। उन्होंने कैफे कॉफी डे को और भी बड़ी कंपनी बनाने के लिए काफी कोशिश की थी लेकिन वे इसमें सफल नहीं हो पाए।
इस लेटर में उन्होंने कहा है कि उन पर एक इक्विटी पार्टनर और एक इनकम टैक्स के एक अधिकारी का दबाव था। उन्होंने कहा कि अपने बिजनेस को संभालने के लिए उन्होंने अपना सब कुछ लगा दिया। वह उन सब लोगों से क्षमा चाहते हैं जिन्होंने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने काफी लंबे समय तक लड़ाई लड़ी लेकिन उन्हें लगता है एक प्राइवेट इक्विटी पार्टनर का दबाव वे अब और नहीं सहन कर पाएंगे। यह प्राइवेट इक्विटी पार्टनर उन्हें शेयरों के बाई बैक को मजबूर कर रहा था
उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि एक दोस्त से भारी-भरकम रकम उधार लेकर उन्होंने इस मसले का आंशिक निपटारा भी किया था। केंद्रीय जांच एजेंसियों इनकम टैक्स और ईडी का भी जिक्र करते हुए लिखा है कि एजेंसियों की जांच के बाद वे काफी मानसिक तनाव में आ गए थे। उन्होंने लिखा कि दो मौकों पर उनके शेयर अटैच कर लिए गए जिसके चलते माइंड ट्री के साथ उनके सौदे में रुकावट आई जिसके चलते उन्हें नगदी की काफी समस्या झेलनी पड़ी और तब से वे उबर नहीं पाए।
हालांकि इनकम टैक्स विभाग ने एक प्रेस रिलीज जारी कर यह कहा कि सिद्धार्थ पर हुई कार्यवाही नियमों के मुताबिक है उनके खिलाफ हवाला ट्रांजैक्शंस और टैक्स की चोरी करने का मामला बना था जिसके सुबूत भी सामने आए थे और उन्होंने जांच के दौरान इस बात को कुबूल भी किया था इसीलिए उनके खिलाफ नियमों के मुताबिक कार्यवाही की गई।
रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज से जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक सिद्धार्थ की कंपनी के ऊपर करीब 6547 करोड़ रुपए का कर्ज है, हाल ही में आईटी कंपनी माइंडट्री में हिस्सेदारी बेचने से सिद्धार्थ को करीब 3269 करोड़ रुपए हासिल हुए हैं। सिद्धार्थ के करीबियों की मानें तो कंपनी पर बढ़ रहे लगातार कर्ज को लेकर वे पिछले कुछ दिनों से काफी परेशान चल रहे थे आज उनके लापता होने की खबर जैसे ही फैली कैफे कॉफी डे का संचालन करने वाली कंपनी कॉफी डे इंटरप्राइजेज के शेयर 20 फ़ीसदी से ज्यादा अधिक गिरकर ₹154 प्रति शेयर के भाव पर आ गए और कंपनी की मार्केट वैल्यू 813 करोड रुपए घटकर 3254 करोड़ रुपए हो गई।
Latest India News