पुत्र के लिए पिता क्या करे-
बुद्धिमान व्यक्ति अपने बच्चों को शुभ कार्य में लगाता है ताकि उनका बच्चा श्रेष्ठ और शीलवान पैदा हो। वहीं चाणक्य का कहना था कि जो माता-पिता अपने बच्चों को नहीं पढ़ाते हैं वो शत्रु से कम नहीं होते। इस तरह के माहौल में बड़े हुए बच्चे ठीक उसी तरह शोभायमान नहीं होते जैसे हंसों के बीच में बगुला अच्छा नहीं लगता।
अगली स्लाइड में पढ़ें क्या कहते थे चाणक्य
Latest India News