1984 में दाऊद अपने पांच भाइयों अनीस, नूरा, इकबाल, मुस्किम, हुमायूं और तीन बहनों जैतून, फरजाना और मुमताज के साथ दुबई चला गया। दुबई में उसका कारोबार और भी तेजी से फैला। लेकिन देश से दूर होकर भी मुंबई को कभी भूला नहीं दाऊद। बाबरी मस्जिद के बाद जिस तरह देश में दंगे भड़के उसने डॉन दाऊद को टेररिस्ट दाऊद बना दिया। 1993 के मुंबई हमले का वो मास्टरमाइंड था।
तब तक दाऊद के संपर्क लश्करे तैय्यबा और अल कायदा से भी हो गए थे। बाद में इसके चलते जब उसके खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दबाव बढ़ा तो वह दुबई छोड़कर आईएसआई की पनाह में कराची आ गया लेकिन आईएसआई की पनाह में होकर भी दाऊद ने मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
हफ्ता वसूली और फिरौती को मुनाफे का कारोबार बनाने के बाद दाऊद ने एशिया में हथियार, यूरोप में हेरोइन, साउथ अफ्रीका में सोना और ड्रग्स का बिजनेस शुरू किया।
मुंबई में बॉलीवुड फिल्म की फाइनेंसिंग से लेकर दुबई में रियल इस्टेट और कराची में शेयर डीलिंग शुरू की।
दाऊद के पास है तकरीबन 42 हजार करोड़ रु की संपत्ति
एक अनुमान केमुताबिक इस वक्त दाऊद के पास सात अरब डॉलर यानी तकरीबन 42 हजार करोड़ रु की संपत्ति है। भारत और पाकिस्तान के अलावा उसका कारोबार संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में भी फैला हुआ है।
ऑस्ट्रेलिया में उसके कई शॉपिंग मॉल बताए जाते हैं। अकेले मुंबई में ही उसकी दो हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति है। इसमें कोलाबा, क्रॉफोर्ड मार्केट, भिंडी बाजार, बांद्रा, ओसीवारा और वर्सोवा में खड़ी कई इमारतें शामिल हैं। डी कंपनी का कारोबार ब्रिटेन और पश्चिमी यूरोप में भी है। इन देशों में दाऊद बड़े पैमाने पर नशीली दवाओं का कारोबार चला रहा है।
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