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2016: भूल जाइए महंगाई, मनाइए इंटरनेशनल ईयर ऑफ पल्‍सेज, जानिए खास बातें

संयुक्त राष्ट्र ने मानव स्वास्थ्य के लिए दालों के महत्व के प्रति जागरुकता पैदा करने के लिए वर्ष 2016 को इंटरनेशनल ईयर ऑफ पल्‍सेज यानि अन्तरराष्ट्रीय दलहन वर्ष (IYP) के रूप में मनाये जाने की घोषणा की है।

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प्रोटीन का भंडार राजमा  

राजमा (किडनी बीन्स) में बहुत सारा प्रोटीन होता है। यही नहीं इसमें आयरन, फॉसफोरस, मैगनीशियम और विटामिन बी9 पाया जाता है। साथ ही यह सोडियम और पोटैशियम में सबसे लो आहार हैं। राजमा में सोया प्रोडक्‍ट के मुकाबले अधिक प्रोटीन होता है।  

काबुली चना, हरा चना और लाल चना  

काबुली चना, हरा चना और लाल चना नाम से जाना जाने वाला यह चना तीन प्रकार का होता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, चिकनाई, रेशे, केल्शिय, आयरन व विटामिन्स पाए जाते हैं। रक्ताल्पता, कब्ज, डायबिटिज और पीलिया जैसे रोगों में चने का प्रयोग लाभकारी होता है। बालों और त्वचा की सौंदर्य वृद्धि के लिए चने के आटे का प्रयोग हितकारी होता है। चना एक प्रमुख फसल है।  

काली बीन्‍स  

गभवर्ती महिलाओं के लिये काला बीन्‍स बहुत लाभकारी होता है क्‍योंकि इसमें फोलेट पाया जाता है। जो कि बच्‍चे के विकास के लिये एक जरुरी तत्‍व होता है। एक कटोरी काला बीन्‍स आपको 90 प्रतिशत तक के फोलेट तक की जरुरत पूरी कर देगा। इसमें फाइबर और प्रोटीन भी अच्‍छी मात्रा में पाया जाता है। रोजना इसे स्‍प्राउट के तौर पर जरुर खाइये।

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