पापा मेरे ये कुछ काम कर देना
पापा मुझे जो काम करना था,अब वो आपको करना होगा सीनियर लवन्या को इंजीनियर मैकेनिकल बुक दे देना। राजू को 350 और प्रसाद सर को 205 रुपये दे देना और जीतेंद्र को धन्यवाद कह देना हमेशा के लिए BYE
मौत को गले लगाने से पहले ऋषिकेश्वरी ने अपने घरवालों से आखिरी ख्वाहिश जाहिर की- ये ख्वाहिश अंग दान की है।
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