मेरे शरीर के अंग दान कर देना
निराश होने का मतलब कमज़ोरी नहीं इसका मतलब है तुम लंबे समय तक मज़बूत रहोगे 'आई लव यू मोम' 'आई लव यू डैड' मेरे शरीर के अंग अगर सही हालत में हैं तो उन्हें दान कर देना
ऋषिकेश्वरी का दुनिया से चला जाना,एक सपने की मौत है,ऐसा सपना जिसे कॉलेज के सीनियर्स ने रैगिंग की शक्ल में चकना चूर कर दिया।ऋषिकेश्वरी की मौत के बाद पुलिस ने तीन सीनियर्स के खिलाफ खुदकुशी के उकसाने का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
दूसरी तरफ ऋषिकेश्वरी के घरवाले कॉलेज प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर रहे है,घरवालों का आरोप है कि रैंगिग की शिकायत कॉलेज प्रशासन से की गई थी,लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई
जाहिर है पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन की भूमिका सवालों के घेरे में है,हालांकि कॉलेज प्रशासन खुद को पाक साफ बताने में तूला हुआ है।कौन सच बोल रहा है, और कौन झूठ-ये तफ्तीश के बाद साफ हो जाएगा,लेकिन ऋषिकेश्वरी की मौत ये सवाल पूछ रही है कि आखिर कब बंद होगी ये रैंगिग।!
18 साल की ऋषिकेश्वरी अब इस दुनिया में नहीं है, या यूं कहे एक जिंदा दिल लड़की को खुदकुशी का खौफनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर दिया गया। ऋषिकेश्वरी आर्किटेक्ट बनना चाहती थी।
इसी ख्वाब को हकीकत में बदलने के लिए ऋषिकेश्वरी ने आंध्र प्रदेश के गुंटूर की नागार्जुन यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था, लेकिन ऋषिकेश्वरी की मौत के साथ वो सपना कांच की तरह चकना चूर हो गया। हॉस्टल के कमरे में ऋषिकेश्वरी ने फांसी लगाकर जान दे दी।
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