1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. पाटीदार आंदोलन के बाद गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में होगी भाजपा की परीक्षा

पाटीदार आंदोलन के बाद गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में होगी भाजपा की परीक्षा

अहमदाबाद: गुजरात के आगामी स्थानीय निकाय चुनाव राज्य में भाजपा के 20 साल पुराने वर्चस्व की परीक्षा होंगे जहां, सत्तारूढ़ पार्टी पटेलों के कोटा आंदोलन के निहितार्थ से रूबरू है। गुजरात में पटेलों की संख्या

गुजरात स्थानीय निकाय...- India TV Hindi
गुजरात स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा की अग्निपरीक्षा

अहमदाबाद: गुजरात के आगामी स्थानीय निकाय चुनाव राज्य में भाजपा के 20 साल पुराने वर्चस्व की परीक्षा होंगे जहां, सत्तारूढ़ पार्टी पटेलों के कोटा आंदोलन के निहितार्थ से रूबरू है। गुजरात में पटेलों की संख्या खासी है। पहले वे कांग्रेस के साथ थे, लेकिन जब कांग्रेस ने चुनाव जीतने के लिए उन्हें एक तरफ कर खाम (क्षत्रिय, हरिजन, आदिवासी और मुसलमान) का फार्मुला सूत्रबद्ध किया था तो उसके बाद से पटेल भाजपा के साथ रहे। गुजरात के स्थानीय राजनीतिक परिदृश्य से नरेन्द्र मोदी की गैर मौजूदगी और पटेलों के कोटा आंदोलन ने इस बार गुजरात के स्थानीय निकाय चुनावों को दिलचस्प बना दिया है।

पटेल इस बात से नाराज हैं कि उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं और वे भाजपा नेताओं के राजनीतिक कार्यक्रमों को बाधित कर रहे हैं। अनेक पटेल सोसाइटी और गांवों में बैनर टांगे गए हैं कि राजनीतिक नेताओं का प्रवेश प्रतिबंधित है। वे अपने समुदाय के नेताओं पर भी दबाव डाल रहे हैं कि वे उनके आंदोलन के प्रति समर्थन की घोषणा करें। पटेलों के कोटा आंदोलन से भाजपा परेशान है और इसका अंदाजा इसी तथ्य से लग जाता है कि राज्य सरकार स्थानीय निकायों के चुनाव टालने के लिए एक अध्यादेश लाई थी। बाद में उच्च न्यायालय ने इस अध्यादेश को निरस्त कर दिया। दूसरी तरफ, सरकार ने कठोरता दिखाई और कोटा आंदोलन के प्रमुख नेताओं- हार्दिक पटेल और उनके सहयोगियों को देशद्रोह मामले में जेल की सलाखों के पीछे डाल दिया।

कांग्रेस राज्य में अपनी किस्मत का सितारा फिर से बुलंद होने का इंतजार कर रही है। गुजरात में उसने पिछले दो दशकों में कोई खास चुनावी जीत नहीं हासिल की है। वह कोटे का मुद्दा राज्य में स्थानीय निकाय चुनावों में बुलंद करने जा रही है। यह इस मायने में विशेष रूप से अहम है क्योंकि राज्य में 2017 में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। स्थानीय निकाय चुनावों की घोषणा के बाद पटेलों के कोटा के लिए आंदोलनरत एक अन्य नेता लालजी पटेल ने अपने समुदाय के लोगों से कहा कि पटेल समुदाय उन्हें वोट दें जिन्होंने उनके आंदोलन का समर्थन किया है।

कांग्रेस ने उच्च जातियों के बीच गरीबों के लिए आरक्षण के समर्थन की घोषणा की है और उसने मांग की है कि राज्य को अन्य पिछड़े वर्गों, अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के लिए 49 प्रतिशत के आरक्षण के बाद पटेलों, ब्राह्मनों और राजपूत समुदायों के आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों के लिए 15 से 20 प्रतिशत का कोटा देना चाहिए। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भारतसिंह सोलंकी ने कहा, आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने के बजाय राज्य सरकार उनके नेताओं को गिरफ्तार कर आंदोलन का दमन करने का प्रयास कर रही है।

Latest India News