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Hindi News भारत राष्ट्रीय राफेल डील: अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर SC ने आदेश सुरक्षित रखा

राफेल डील: अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर SC ने आदेश सुरक्षित रखा

राफेल सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में किस पक्ष ने क्या कहा चलिए जानते हैं

Hearing on Rafale deal in Supreme Court- India TV Hindi Image Source : FILE PHOTO Hearing on Rafale deal in Supreme Court

नई दिल्ली। फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद सौदे की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं पर बुधवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्चा वकील प्रशांत भूषण की तरफ से कई दलीलें दी गईं। सुप्रीम कोर्ट ने बाद में फ्रांस से 36 राफेल विमान खरीद की अदालत की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर आपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

राफेल सौदे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में किस पक्ष ने क्या कहा चलिए जानते हैं।  

  1. राफेल मामले पर सुनवाई के दौरान अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने न्यायालय से कहा कि सरकार गोपनीयता प्रावधान की आड़ ले रही है, उसने राफेल विमानों की कीमत का खुलासा नहीं किया है
  2. राफेल मामले पर सुनवाई के दौरान प्रधान न्यायाधीश ने अधिवक्ता भूषण से कहा कि कोर्ट उन्हें पूरी सुनवाई का मौका दे रहा है। इसका सावधानीपूर्वक इस्तेमाल कीजिये, केवल जरूरी चीजों को ही कहिये 
  3. केंद्र सरकार का पत्र रखने वाले वकील अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने अधिवक्ता प्रशांत भूषण की दलीलों का विरोध किया
  4. के के वेणुगोपाल ने कहा कि गोपनीयता विमान की कीमत को लेकर नहीं बल्कि हथियार और अन्य वैमानिकी उपकरणों की कीमत को लेकर है
  5. के के वेणुगोपाल ने कहा कि विमान की कीमत तथा हथियारों और अन्य वैमानिकी उपकरणों की कीमत का ब्यौरा कोर्ट में पहले ही दिया जा चुका है
  6. मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अटॉर्नी जनरल से पूछा कि इस मुद्दे पर सफाई के लिए क्या कोर्ट में भारतीय वायुसेना का कोई अधिकारी मौजूद है? मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हम क्योंकि वायुसेना के मुद्दे को देख रहे हैं, ऐसे में इसपर वायुसेना के अधिकारियों से जानकारी लेना जरूरी है।
  7. मुख्य न्यायधीश ने कहा कि राफेल विमान की कीमत पर कोई बहस तभी होगी जब कोर्ट फैसला कर लेगी कि इससे जुड़े पहलू सार्वजनिक किए जा सकते हैं।
  8. अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि कीमत की जानकारी सीलबंद लिफाफे में कोर्ट को सौंपी गई है, लेकिन दोनो सरकारों के बीच हुए इस डील में कई ऐसे पहलू हैं जो जानकारी को सार्वजनिक करने से रोकते हैं।
  9. उच्चतम न्यायालय ने कुछ दस्तावेजों को रिकॉर्ड में लेने से मना किया, जिसे पूर्व केंद्रीय मंत्री अरूण शौरी शीर्ष अदालत के समक्ष रखना चाहते थे
  10. वाइस एयर मार्शल चलपति कोर्ट में मौजूद रहे और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश की तरफ से पूछे गए सवालों का जवाब दिया।
  11. मुख्य न्यायाधीश ने वाइस एयर मार्शल चलपति से पूछा कि हाल के दिनों में वायुसेना में क्या-क्या शामिल किया गया है। इसके जवाब में वाइस एयर मार्शल ने कहा कि सुखोई-30 को शामिल किया गया है, उन्होंने यह भी कहा कि भारत को 4 प्लस लड़ाकू विमानों की जरूरत है और इसी के लिए राफेल विमान का चुनाव किया जा रहा है।
  12. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार से 2015 में ऑफ्सेट कॉन्ट्रेक्ट में किए गए बदलाव की वजह पूछी तो अतीरिक्त रक्षा सचिव ने इसके बारे मे जवाब दिया।

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