कोल्लम: एक चिंगारी से कैसे सैकड़ों घरों में मातम फैल गया है ये बात केरल के पुतिंगल मंदिर में हुए अग्निकांड से पता चलती है। सालाना परंपरा के नाम पर मंदिर में हजारों की तादाद में श्रद्धालु जमा थे, आतिशबाजी हो रही थी लेकिन तभी एक चिंगारी पटाखों के बीच जा गिरी और तबाही मच गई। हादसे में 110 लोगों की मौत हुई है और 383 घायलों को कोल्लम और त्रिवेंद्रम के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
मंदिर में 'मौत' की आतिशबाज़ी
केरल के पेरावुर के पुतिंगल मंदिर में शनिवार रात इसी तरह से आतिशबाजी हो रही थी, आसमान में रंग बिरंगी रौशनी बिखर रही थी। हजारों की तादाद में श्रद्धालु इस सालाना परंपरा में शामिल होने पहुंचे थे लेकिन किसी को रत्ती भर भी अंदाजा नहीं था कि अगले चंद मिनट में यहां क्या होना वाला है। इसी आतिशबाजी से निकली एक छोटी सी चिंगारी ऐसी भड़की कि हर तरफ चीख पुकार मच गई। धमाके होने लगे और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे लेकिन वो भगदड़ और आग की चपेट में आने लगे। लोग खुद को आग और धक्का मुक्की से बचा पाते उससे पहले ही धमाके की वजह से मंदिर का एक हिस्सा सैकड़ों की तादाद में मौजूद श्रद्दालुओं के ऊपर आ गिरा जिसके नीचे दर्जनों लोग दब गए।
चश्मदीदों के मुताबिक जिस वक्त ये दिलदहलाने वाला हादसा हुआ मंदिर में हर साल की तरह इस बार भी आतिशबाजी का मुकाबला चल रहा था। दो टीमें मुकाबले में थी और आसमान में दनादन आतिशबाजी छोड़ी जा रही थी लेकिन तभी आतिशबाजी ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरे देश में कोहराम मच गया। चश्मदीद ने बताया कि यहां पर आतिशबाजी चल रही थी तभी जलता हुआ पटाखा उस कमरे में गिर गया जहां पर बाकी की आतिशबाजी रखी हुई थी। उसके बाद वही से धमाके शुरु हो ग और इस तरह ये दर्दनाक हादसा हुआ।
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