कराची: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाहौर की धरती पर आज पहली बार कदम रखा, तो सारी दुनिया हैरान रह गई, क्योंकि उनकी लाहौर यात्रा की सूचना किसी को नहीं थी। लाहौर के एयरपोर्ट पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ और मोदी ने गले मिलकर एक-दूसरे का इस्तेकबाल किया। आपको बता दें कि आज पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ का जन्मदिन भी है। कार्यक्रम के मुताबिक मोदी लाहौर से सीधे नवाज शरीफ के घर पहुंचकर उनको मुबारकबाद देंगे। पीएम मोदी की लाहौर यात्रा को लेकर पाकिस्तान के ARY चैनल में गर्मा-गर्म बहस हो रही है। इस चर्चा में शामिल लोग दोनों मुल्कों के बीच की तल्खियां कम करने की बात कर रही हैं। वहीं, यहां पर एक अतिथि ने यह भी कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी लाहौर में सुरक्षित रह सकते हैं, तो उनकी क्रिकेट टीम क्यों नहीं।
पाकिस्तान के साथ ताल्लुकात बेहतर करने होंगे:
इस बहस के दौरान एक पाकिस्तान की जानी मानी पत्रकार ने यह भी कहा कि नफरत की सियासत अब नहीं चलेगी और भारत को तरक्की के लिए पाकिस्तान के साथ रिश्ते सुधारने होंगे। उन्होंने कहा कि भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को सुधारने के लिहाज से पीएम मोदी की लाहौर यात्रा को एक सार्थक कदम माना जा सकता है।
मोदी को किन मुद्दों पर बात करनी चाहिए:
उन्होंने कहा कि सियाचीन के लोग बड़ी ही बुरी स्थिति में हैं। वहां पर हालात सुधरने होंगे। इस जगह पर आतंकवाद खत्म होना चाहिए। वहीं कश्मीर के लिए कोई ऐसा समाधान निकाला जाना चाहिए ताकि दोनों मुल्क के लोग अमन से रहें। इस पर एक गेस्ट ने कहा कि कश्मीर का मसला पहले आना चाहिए। इसके जवाब में जब असमा ने कहा कि आप हर हाल में लड़ाई का बहाना ढूंढेंगे तो कैसे होगा। इस पर उन्होंने कहा कि हां हम लड़कर भी कश्मीर का मसला सुलझाएंगे, यह हमारा हक है। आसमा ने कहा कि पाकिस्तान और हिंदुस्तान दोनों तरफ ऐसे तत्व हैं जो हालात मुश्किल करते रहते हैं। दोनों देशों में कोई भी ऐसी राजनीतिक पार्टी नहीं होगी जो समाधान की बात न करती हो।
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