पांच तरह की समस्याओं के कारण बनती है यह स्थिति:
नाडियाद के धर्मसिंह देसाई हार्ट इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर डॉ. संजीथ पीटर के बताए अनुसार इंसानी शरीर में यह स्थिति ‘पेंटेलॉजी केंट्रेल’ सिंड्रोम के चलते बनती है। इस सिंड्रोम का सीधा संबंध हार्ट और चेस्ट से होता है। यह समस्या जन्मजात होती है और बच्चे को ज्यादा दिन जीने नहीं देती। यह स्थिति पांच तरह की समस्याओं के कारण बनती है...
- नाभि के ऊपर पेट के हिस्से में विकार
- छाती के निचले भाग का पूरी तरह से विकसित न हो पाना
- दिल से जुड़ी आंतों को अविकसित होना
- पेट और छाती के बीच समस्या
- दोनों फेफड़ों के बीच खामी
अब तक दुनिया में ऐसे 156 मामले सामने आए हैं, जिसमें सभी बच्चों की मौत हो गई। इनमें से सिर्फ 50 बच्चे ही 12 वर्ष की उम्र पूरी कर सके। गत वर्ष अमेरिका के न्यूज पेपरद वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक 26 वर्षीय चाईनीज महिला का मामला प्रकाशित किया गया था। यह महिला भी इसी समस्या से ग्रस्त थी। एक जटिल सर्जरी के बाद दिल को वापस शरीर में फिट कर दिया गया था।
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