नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज मानेक शॉ अडिटोरियम में छात्रों के जीवन में शिक्षकों के महत्व के बारे में बात की। उन्होंने इस दौरान कला उत्सव वेबसाइट लॉन्च की। उन्होंने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की 125वीं जयंती पर उनके समान में सिक्के जारी किए। इस दौरान मोदी ने कहा कि विद्यार्थी के जीवन में मां और गुरु का बड़ा महत्व होता है। मोदी ने यहां पर बच्चों से खुलकर बातें की और उनके सवालों के जवाब भी दिए। पढ़िए मोदी ने इस बातचीत में क्या क्या कहा।
मोदी ने क्या कहा-
- विद्यार्थी की पहचान शिक्षक होता है।
- मां जन्म देती है और गुरु शिक्षा देता है।
- विद्यार्थी जीवन सुधारने में मां और गुरु का अहम योगदान।
- गुरु की हर बात विद्यार्थी जीवन भर नहीं भूलता।
- बचपन में शिक्षक की हर बात याद रहती है।
- शिक्षक के कारण ही कोई बड़ा होकर डॉक्टर बनता है तो कोई इंजीनियर।
- शिक्षकों को विद्यार्थी के जीवन और उसके बारे में कुछ लिखना चाहिए।
- गुरु की हर बात विद्यार्थी जीवन भर नहीं भूलता।
- डॉ अब्दुल कलाम बच्चों से बहुत प्यार करते थे।
- डॉ कलाम ने कहा था कि लोगों को अगर मुझे याद रखना है तो वो मुझे टीचर के रुप में याद रखें।
- डॉ कलाम भी जीवन के अंतिम छड़ों में भी पढ़ाते रहे।
- टीचर्स डे सिर्फ भारत में नहीं बल्कि दुनिया के अन्य देशों में भी अलग अलग तरीके से मनाया जाता है।
- घटनाओं का सही दर्पण बालकों का बचपन होता है।
- मैं बच्चों से बात करके खुद को खुशनसीब मानता हूं।
- आज राधाकृष्णन की जन्मतिथि के उपलक्ष्य में 10 रुपए और 125 रुपए के सिक्के जारी किए गए हैं।
- हम कितने ही बड़े क्यों न हों हमें रोबोट बनने से बचना है।
- हमारे भीतर संवेदनाएं हों और ये कला साधना..कला साक्षात्कार से आती है।
- बिना कला के जीवन रोबोट बन जाता है।
- कला के माध्यम से स्कूल के बच्चों को उनकी प्रतिभा निखारने का मौका मिले।
- कला उत्सव के माध्यम से सामाजिक दायित्व को भी बढा़वा मिलेगा।
- मैं आखिरी बार डॉ राधाकृष्णन और सभी गुरुओं को नमन करता हूं।
- मैं गुरुओं से पीढ़ियों को पढ़ाने और बढ़ाने की अपेक्षा करुंगा
अगले स्लाइड्स में पढ़े छात्रों के सवालों का मोदी ने क्या जवाब दिया.....
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