नई दिल्ली: गाजियाबाद-मुगलसराय रेल मार्ग में सुधार होने के बाद ट्रेनों के समय से पहुंचने में काफी सुधार आया है। मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों ने अप्रैल-अगस्त के दौरान अपने प्रदर्शन में चार प्रतिशत से अधिक की सुधार कर समय की पाबंदी की दर 80.83 प्रतिशत कर ली।
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पिछले साल अगस्त में रेलवे की समय की पाबंदी की कुल दर 81.62 प्रतिशत थी जो इस साल बढ़कर 82.09 प्रतिशत हो गयी।पिछले साल अप्रैल-अगस्त के दौरान मेल...एक्सप्रेस ट्रेनों की समय की पाबंदी की दर 76.66 प्रतिशत थी जो अब 80.83 प्रतिशत हो गयी। इस तरह इसमें 4.17 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
इसके अलावा 2015 में लोकल ट्रेनों की समय की पाबंदी की दर 73.99 प्रतिशत थी जो इस साल इस अवधि में बढ़कर 77.45 प्रतिशत हो गया। मोबिलिटी निदेशालय के एक वरिष्ठ रेल अधिकारी ने कहा कि 761 किलोमीटर लंबे गाजियाबाद-मुगलसराय रेल मार्ग पर किए गए कई सुधारों के कारण ट्रेनों की समय पाबंदी की समग्र दर में बढ़ोतरी हुई।
ट्रेनों के देरी से चलने की काफी शिकायतें मिलने के बाद रेलवे ने यात्री सेवा में समय की पाबंदी सुधारने तथा मालगाडि़यों के आवागमन को तेज करने के लिए एक मोबिलिटी निदेशालय का गठन किया।
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