श्रीनगर: कश्मीर के अलगाववादी नेताओं ने रविवार को ऑल पार्टी डेलिगेशन से मुलाकात करने के सीएम महबूबा मुफ्ती के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। अलगाववादी नेताओं ने महबूबा के प्रस्ताव को छलावा करार देते हुए कहा कि मुख्य मुद्दे पर गौर करने के लिए यह पारदर्शी और अजेंडा आधारित बातचीत का विकल्प नहीं हो सकता।
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महबूबा ने पीडीपी प्रमुख के रूप में अलगाववादियों को शनिवार को आमंत्रित किया था। महबूबा के आमंत्रण के एक दिन बाद अलगाववादी नेताओं सैयद अली शाह गिलानी, मीरवाइज उमर फारूक और मोहम्मद यासीन मलिक ने श्रीनगर में एक संयुक्त बयान जारी करके उनके प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि संसदीय प्रतिनिधिमंडल और ट्रैक टू के जरिए संकट प्रबंधन के ये कपटपूर्ण तरीके केवल लोगों की परेशानियों को बढाएंगे और ये जम्मू कश्मीर में लोगों के आत्मनिर्णय के अधिकार के मुख्य मुद्दे पर गौर करने के लिए स्वाभाविक पारदर्शी अजेंडा आधारित वार्ता की जगह नहीं ले सकते।
बयान में कहा गया कि यह हमारा रूख निरंतर रहा है और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एवं वैश्विक मंचों को हमारे पत्रों में भी इसे स्पष्ट किया गया है। अलगाववादी नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनकी यूनियन होम मिनिस्टर राजनाथ सिंह के नेतृत्व वाले डेलिगेशन से मिलने में रूचि नहीं है। उन्होंने कहा कि यह समझ से परे है कि ऐसे प्रतिनिधिमंडल से क्या आशा की जा सकती है जिसने स्पष्ट अजेंडा पर किसी संवाद के लिए अपने अधिकारों को स्पष्ट नहीं किया है। उन्हांेने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए यह आश्चर्यजनक नहीं है कि अब भी महबूबा मुफ्ती की मुख्य चिंता कश्मीर का दौरा करने वाले भारतीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल की साख और विश्वसनीयता बढ़ाना है।
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