ऐसे होगी आपकी यात्रा पुरी
इस रास्ते से 50 घंटे में पहुचा जा सकता है कैलाश-मानसरोवर। दिल्ली से सिलिगुड़ी होते हुए गैंगटॉक और फिर नाथूला फ्लाइट और टैक्सी से पहुचा जा सकता है। गैंगटॉक पहुच कर यात्रा का एक पढ़ाव पुरा हो जाएगा।
नए रास्ते से गैंगटोक से शेरटांग होते हुए आप चीन मे प्रवेश करेंगे। फिर चीन से ये सफ़र सड़क मार्ग के ज़रिए ही होगा। तिब्बत में प्रवेश के बाद यात्रियों को बसों में सबसे पहले नाथुला से कांग्मा ले जाया जाएगा जो 185 किलोमीटर दूर है। 295 किलोमीटर का सफ़र लाज़ी तक होगा फिर 477 किलोमीटर दूर ज़ोग्बा और फिर 477 किलोमीटर दूर डारचेन। बस का अंतिम सफ़र कुगु तक होगा जहां पहुचकर श्रधालु कैलाश-मानसरोवर के दरवाजे तक पहुच जाते है।
आस्था के मुताबिक कुगु के बाद शुरु होगी ढाई दिनों की कैलाश पर्वत की परिक्रमा जिसे यात्री 50 घंटे में पुरा करेंगे इस तरहा आपकी यह यात्रा पुरी होगी।
पहले यह सफर बहुत कठिन था उत्तराखंड के पहाड़ों पर न 12 दिन पैदल चलना होता था, और 19500 फीट की खड़ी चढ़ाई चढ़नी होती थी थका देने वाला यह सफर 22 दिनों के लंबे सफ़र होगा के बाद पुरा होता था।
Latest India News