शरीफ ने जब अपने चार सूत्री प्रस्ताव में कहा कि कश्मीर से सेना हटाए के लिए कदम उठाए जाने चाहिए तो स्वरूप ने ट्वीट किया, पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने विदेशी कब्जे की बात सही कही है लेकिन उन्होंने कब्जा करने वाले को सही से नहीं पहचाना है ।
ट्विटर यूज़र्स ने जल्दी ही भारत के प्रति समर्थन जताते हुए पाकिस्तान को आतंकवाद का गढ़ बताया। यहां तक कि पाकिस्तान के अपने एक पूर्व राजनयिक ने भी कहा कि UN महासभा में शरीफ द्वारा दिए गए भाषण का पाकिस्तान में तो स्वागत किया गया लेकन इससे भारत का ही पक्ष मजबूत हुआ है।
अमेरिका में पाकिस्तान के पूर्व राजदूत हुसैन हक्कानी ने कहा, पाकिस्तान को इससे कुछ हासिल नहीं हुआ और वैश्विक तौर पर कुछ ही लोग हैं जो नयी दिल्ली के खिलाफ इस्लामाबाद के आरोपों का समर्थन करते हैं।
उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ के संयुक्त राष्ट्र महासभा के भाषण को देश में तो सराहा गया लेकिन इससे भारत पर कोई असर नहीं हुआ।
उन्होंने एक और ट्वीट में कहा, मैं UN में दिए गए ऐसे कई भाषणों को याद कर सकता हूं, जिन्हें घरेलू श्रोताओं द्वारा तो सराहा गया लेकिन बाकी दुनिया ने इन्हें गंभीरता से नहीं लिया।
टी एस चंद्रशेखरन नामक व्यक्ति ने ट्विटर पर लिखा, पाकिस्तान एक आतंकी...कश्मीर में जिहादी भेजने वाला विफल राष्ट्र...आतंकी देश पाकिस्तान का अस्तित्व बने रहना भारत की भूल।
देबाशीष दाश ने कहा, भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान से कहा है कि वह पाक अधिकृत कश्मीर को जल्दी खाली करे।
पवन दुरानी ने लिखा, पाक अधिकृत कश्मीर में भारी विरोध प्रदर्शन होते हैं क्योंकि लोग पाकिस्तान से आजादी चाहते हैं। वे भारत के समर्थन में नारे लगाते हैं।
जिस समय शरीफ महासभा को संबोधित कर रहे थे, उस समय कुछ बलूच लोग और मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट के समर्थक पाकिस्तान में मानवाधिकार के कथित उल्लंघनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए रैलियां निकाल रहे थे।
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