नयी दिल्लीः शब-ए-बरात में हर साल सड़कों पर होने वाले हुड़दंग और मोटरसाइकल पर स्टंटबाजी से मुसलमानों की खराब होती छवि से चिंतित समुदाय के धार्मिक नेताओं ने इसे गैर इस्लामी बताते हुए लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें और उन्हें इन सबसे बाज रखें।
प्रमुख इस्लामी संगठन जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के प्रवक्ता मौलाना अब्दुल हामिद नोमानी ने कहा, शब-ए-बरात में कुरान पढ़ना या नफिल नमाजें अदा करनी चाहिए, लेकिन मौजूदा दौर में जिस तरह से हुड़दंग मचाया जाता है और स्कूटर रेसिंग की जाती है, यह शरियत के तौर पर गैर इस्लामी है और सामाजिक तौर पर भी गलत असर डालती है। महजब के नाम पर ऐसा करना गलत है। बेहतर तो यह है कि लोग घरों में इबादत करें।
उन्होंने कहा, अगर मस्जिद में इबादत करनी है तो अपने मोहल्ले की मस्जिदों में करें। हंगामा करना गलत है। इस्लाम और मुसलमानों की छवि के लिए भी यह जरूरी है इससे मुसलमानों के बारे में यह संदेश जाता है कि वह इस्लाम के नाम पर ऐसा करते हैं। ऐसा कुछ न करें जिससे समुदाय की बदनामी हो। अभिभावकों के लिए यह जरूरी है कि वे अपने बच्चों पर नजर रखें।
शब-ए-बरात को मुस्लिम समाज से ताल्लुक रखने वाले लोग रात भर जाग कर अपने गुनाहों की तौबा करते हैं और अल्लाह से दुआएं मांगते हैं, लेकिन समुदाय के ही कुछ नौजवान इबादत करने की जगह सड़कों पर निकल कर हुड़दंग मचाते हैं और मोटरसाइकलों पर स्टंटबाजी करते हैं। इससे अन्य लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्टंटबाजी के दौरान हुए हादसों में कई नौजवान अपनी जान भी गवां देते हैं।
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