सियासी बारुद पर बंगाल
- 22 मई 2015 को बीरभूम के सत्तार गांव में बीजेपी-तृणमूल कार्यकर्ताओं में झड़प हुई, जिसमें दो लोग घायल हुए।
- 24 मई 2015 को बीरभूम के इलमपुर में बीजेपी-तृणमूल कार्यकर्ताओं में झड़प में एक महिला की मौत हो गई।
- 22 जनवरी 2016 को तृणमूल नेता की भाई की बम धमाके में मौत हो गई।
- 3 जनवरी 2016 को मालदा में जमकर हिंसा हुई।
ऐसा नहीं है कि सिर्फ़ वीरभूम में ही देसी बमों की खुलेआम अवैध फैक्ट्री है और ऐसे धमाके से लोगों को दहलाया जाता है। पश्चिम बंगाल के वीरभूम के आसपास के ज़िले मालदा, बर्द्धमान, मुर्शिदाबाद, कोलकाता में ऐसे बम आसानी से उपलब्ध हैं और सियासी वर्चस्व के लिए विरोधियों के ख़िलाफ़ इस्तेमाल होते हैं।
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