हज का मतलब होता है पक्का इरादा करके 'काबा' की परिक्रमा करना और इबादतों को एक विशेष तरीक़े से अदा करना। हज के लिए विशेष लिबास पहना जाता है, जिसे एहराम कहते हैं। यह एक फकीराना लिबास है। जो हर तरह के भेदभाव को मिटाकर अमीर-ग़रीब को एक सफे(लाइन) में खड़ा कर देता है। इस दरवेशाना लिबास को धारण करते ही तमाम इंसान बराबर हो जाते हैं और हर तरह की ऊंच-नीच ख़त्म हो जाती है।
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