नई दिल्ली: मुंबई सीरियल धमाको के दोषी याकूब मेनन को फांसी दिए जाने पर MIM अध्यक्ष असद्दुदीन ओवैसी ने इंडिया टीवी बातचीत में इस फैसले को मजहबी करार दिया है। औवेसी ने कहा कि क्योकि याकूब एक खास मजहब से ताल्लूक रखता है इस कारण उसे फांसी दी जा रही है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्यारो और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअन्त की मौत के आरोपियों को फांसी क्यों नही दी गई? आपको बात दे कि राजीव गांधी के हत्यारों की फांसी को कार्ट द्वारा उम्र कैद में तब्दील कर दिया गया था। इसपर कोर्ट की दलील दी थी कि आरोपी एक बहोत लंबा अरसा जेल में बिता चुके है।
ओवैसी ने पूर्व रॉ इंचार्ज बी रामन जिनका याकूब मेमन को भारत लाने में बढ़ा हाथ है के आर्टिकल की दलील दी कि उन्होनें याकूब को फांसी नही दी जाने की मांग की थी।
हालांकि ओवैसी ने ये बात मानी की एक आंतकी है और उसे सजा मिलनी चाहिए पर उससे पहले कई और आरोपियों को फांसी दी जानी चाहिए।
याकूब मेमन 'डी' कंपनी का सिपहसालार और मुंबई धमाकों का सबसे बड़ा प्लांटर भी-
1993 मुंबई धमाके में 257 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 700 लोग घायल हो गए थे। इन धमकों के पीछे अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम का हाथ था। याकूब मेमन 'डी' कंपनी का सिपहसालार है और यही मुंबई धमाकों का सबसे बड़ा प्लांटर भी है। सुप्रीम कोर्ट ने 1993 मुंबई बम विस्फोटों के दोषी याकूब मेमन की याचिका को खारिज करते हुए उसकी फांसी की सजा को बरकरार रखा है । -
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