याकूब पर क्या हैं आरोप?
- ब्लास्ट में आपराधिक साजिश रची।
- साजिश के लिए पैसे जुटाए।
- आतंकियों को पाकिस्तान के एयर टिकट दिए।
- बम प्लांट करने के लिए गाड़ियां खरीदीं।
- घर पर ही बम गाड़ियों में रखे।
- मुंबई के अहम ठिकानों पर रखीं गाड़ियां।
- पाकिस्तान के डेटोनेटर्स और हैंड ग्रेनेड मिले।
1993 में मुंबई में हुए इस ब्लास्ट में कथित रूप से दाउद इब्राहिम, टाइगर मेमन और उसके भाई अयूब मेमन मुख्य षड़यंत्रकारी थे और इन्हें मोस्ट वांटेड अपराधी घोषित कर दिया गया था। टाडा कोर्ट ने 27 जुलाई 2007 को याकूब को आपराधिक साजिश का दोषी करार देते हुए सजा-ए-मौत सुनाई थी. इसके बाद उसने बॉम्बे हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति तक के पास अपील की।
लेकिन उसे राहत नहीं मिली।
इस धमाके में याकूब के परिवार के चार लोग शामिल थे। सीरियल ब्लास्ट का मुख्य आरोपी याकूब मेमन का बड़ा भाई टाइगर मेमन है जो कि अब भी फरार है। धमाकों के मास्टरमाइंड टाइगर मेमन के भाई याकूब के वकीलों ने अदालत में दलील थी कि वह सिर्फ धमाकों की साजिश में शामिल था लेकिन धमाकों को अंजाम देने में शामिल नहीं था। इस मामले में विशेष टाडा कोर्ट ने 10 अन्य दोषियों को मौत की सजा सुनाई थी लेकिन उसे सुप्रीम कोर्ट ने उम्र कैद में बदल दिया।
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