उत्तराखंड में आने वाले शिवभक्तों की सुरक्षा को लेकर एसडीआरएफ लगातार सक्रिय है। यहां हरिद्वार और ऋषिकेश में सावन के दौरान लाखों की संख्या में शिवभक्त पहुंच रहे हैं। शिवभक्त इस दौरान गंगा-यमुना सहित विभिन्न नदियों में स्नान करते हैं और भगवान शिव पर चढ़ाने के लिए जल लेकर भी जाते हैं। हालांकि इस दौरान कई बार अप्रिय घटनाएं भी हो जाती हैं। ऐसी ही घटनाओं से बचने के लिए प्रदेश के विभिन्न नदियों के घाटों पर इस बार एनडीआरएफ को तैनान किया गया है। इसी क्रम में 18 शिवभक्तों को रेस्क्यू किए जाने का मामला भी सामने आया है।
18 शिवभक्तों को किया गया रेस्क्यू
दरअसल, 08 अगस्त 2026 को हरिद्वार के विभिन्न घाटों पर गंगा स्नान के दौरान पैर फिसलने एवं गंगा के तेज बहाव की चपेट में आने से संकट में फंसे कुल 18 शिवभक्तों को SDRF के जवानों द्वारा त्वरित रेस्क्यू कार्रवाई करते हुए सकुशल बाहर निकाला गया। SDRF जवानों की तत्परता, साहस एवं त्वरित कार्रवाई के चलते सभी 18 शिवभक्तों को सुरक्षित बचा लिया गया।
रेस्क्यू किए गए शिवभक्त-
- मिथलेश, निवासी एटा, उत्तर प्रदेश
- सर्वेश, निवासी एटा, उत्तर प्रदेश
- सुमित पुत्र कुलदीप, 13 वर्ष, निवासी बहादरगढ़, नयागांव, हरियाणा
- राजू पुत्र ओमपाल, 21 वर्ष, निवासी मिर्जापुर, उत्तर प्रदेश
- फूल कुमार मंडल पुत्र अमूल्य मंडल, 17 वर्ष, निवासी मंडावली, साकेत ब्लॉक, गली नंबर 12, दिल्ली
- अनिमेश मंडल पुत्र मृणाल मंडल, 27 वर्ष, निवासी मंडावली, साकेत ब्लॉक, गली नंबर 12, दिल्ली
- सुनील पुत्र सतीश, 23 वर्ष, निवासी पलवल, हरियाणा
- साहिल पुत्र रोहताश, 24 वर्ष, निवासी बक्करवाला, दिल्ली
- रणवीर पुत्र बाबूराम, 26 वर्ष, निवासी पलवल, हरियाणा
- नितिन पुत्र रामप्रकाश, 16 वर्ष, निवासी अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
- शहजाद पुत्र मुस्तफा, 25 वर्ष, निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार
- कृष्णा पुत्र पप्पी सिंह, 18 वर्ष, निवासी मुरादाबाद, सौंडारा, उत्तर प्रदेश
- विक्रम पुत्र मंगल सिंह, 22 वर्ष, निवासी रोहतक, हरियाणा
- सचिन कुमार पुत्र राधेश्याम, 25 वर्ष, निवासी पानीपत, हरियाणा
- विजेंद्र पुत्र मांगेराम, 26 वर्ष, निवासी पानीपत, हरियाणा
- हरमन पुत्र चिड़िया सिंह, निवासी गांव अलीका, सिरसा, हरियाणा
- अमित पुत्र रमेश चंद, 30 वर्ष, निवासी गांव मंडलाना, नारनौल, हरियाणा
- कपिल दुहन पुत्र सत्यवान दुहन, राेहतक हरियाणा
गहरे पानी में जाने से बचने की अपील
सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा SDRF की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। उन्होंने सभी शिवभक्तों एवं नदी तटों पर आने वाले श्रद्धालुओं से अपील की कि गंगा एवं अन्य नदियों में स्नान करते समय निर्धारित एवं सुरक्षित घाटों का ही प्रयोग करें तथा तेज बहाव और गहरे पानी वाले स्थानों पर जाने से बचें। नदी के जलस्तर एवं बहाव में अचानक होने वाले परिवर्तन को देखते हुए किसी भी प्रकार का जोखिम न लें तथा मौके पर तैनात SDRF एवं पुलिस जवानों द्वारा दिए जा रहे सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के मार्गदर्शन में कांवड़ यात्रा को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु हरिद्वार और ऋषिकेश के विभिन्न घाटों तथा संवेदनशील स्थानों पर SDRF उत्तराखण्ड पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। गंगा में स्नान के दौरान किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति से निपटने के लिए SDRF जवानों द्वारा पूरी सतर्कता एवं तत्परता के साथ लगातार निगरानी रखी जा रही है। SDRF उत्तराखण्ड पुलिस की त्वरित, साहसिक एवं प्रभावी रेस्क्यू कार्रवाई से सभी 18 शिवभक्तों को सुरक्षित बाहर निकालकर संभावित अनहोनी को टाल दिया गया।
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