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'जानबूझकर हिंसा भड़का रही है युनूस की सरकार', बांग्लादेश के पूर्व मंत्री ने इसकी वजह भी बताई

बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार चुनाव टालने के लिए हिंसा भड़का रही है। उन्होंने हादी की हत्या, भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर के घर पर हमले और मीडिया हाउसों पर आगजनी को सरकार-प्रायोजित बताया और उकसावे का आरोप लगाया।

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Image Source : AP उपद्रवियों द्वारा फूंकी गई दुकान से कुछ किताबें बचाने के बाद सड़क पर बैठी बच्ची।

नई दिल्ली: बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार जानबूझकर बांग्लादेश में हिंसा भड़का रही है ताकि आने वाले चुनाव टाले जा सकें। ANI से बात करते हुए चौधरी ने दावा किया कि भारत के डिप्टी हाई कमिश्नर के घर पर हमला 'पहले से प्लान किया गया और सरकार द्वारा प्रायोजित' था, जिसका मकसद भारत को उकसाना था। बांग्लादेश में छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद पूरे देश में हिंसा भड़क उठी। ढाका में रात भर विरोध प्रदर्शन हुए, जो आगजनी और मीडिया हाउसों पर हमलों में बदल गए।

'हादी को उसके ही करीबी व्यक्ति ने गोली मारी'

शेख हसीना सरकार में शिक्षा मंत्री रहे चौधरी ने कहा, 'शरीफ उस्मान हादी एक कट्टरपंथी नेता था जो खुलेआम खून-खराबे की बात करता था। मीडिया में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसे उसके ही करीबी व्यक्ति ने गोली मारी, जो उसके ही हथियारबंद ग्रुप का सदस्य था।' उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस सरकार ने हादी की मौत को बहाना बनाकर कट्टरपंथी तत्वों और सहानुभूति रखने वाले राजनीतिक समूहों को जुटाया और पूरे देश में अशांति फैलाई। चौधरी ने कहा, 'मुख्य मकसद चुनाव टालना है, जिसकी वे खुद बात करते रहते हैं। दूसरा मकसद देश में अभी भी सक्रिय जमीनी राजनीतिक कार्यकर्ताओं को खत्म करना है।'

Image Source : PTIशरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा हो रही है।

'भारत को भड़काना था उपद्रवियों का मकसद'

प्रदर्शनकारियों ने ढाका में भारत के डिप्टी राजदूत के घर को घेर लिया जिससे इस पूरे बवाल में भारत विरोधी रंग भी घुल गया। चौधरी ने दावा किया कि विदेशी मिशनों को जानबूझकर निशाना बनाया गया ताकि संकट को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाया जा सके। उन्होंने कहा, 'उपद्रवियों ने विदेशी मिशनों पर हमला किया, जिसमें मेरे गृहनगर चटगांव में भारतीय हाई कमिशन भी शामिल है, ताकि भारत से भड़ककर जवाब दे। भारत बांग्लादेश का पुराना दोस्त और रणनीतिक साझेदार है।' पूर्व बांग्लादेशी मंत्री ने अंतरिम सरकार के सदस्यों पर आरोप लगाया कि वे कानून-व्यवस्था बहाल करने की बजाय खुलेआम हिंसा भड़का रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, 'घटना की जांच करने या सुरक्षा बल तैनात करने की बजाय, यूनुस कैबिनेट के सदस्य खुद खून-खराबे की बात कर रहे थे।'

चौधरी ने कहा- मंत्रियों ने जनता को भड़काया

अंतरिम कैबिनेट के एक पूर्व मंत्री का जिक्र करते हुए चौधरी ने कहा, 'हालांकि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन वे अभी भी सरकारी सुविधाओं का मजा ले रहे हैं। उन्होंने सार्वजनिक रूप से लाशों की बात की और यहां तक कहा कि जरूरत पड़ी तो वे शहीद हो जाएंगे।' प्रदर्शनकारियों ने ढाका में बड़े मीडिया हाउसों को भी निशाना बनाया, जहां उन्होंने देश के दो प्रमुख अखबारों 'द डेली स्टार' और 'प्रोथोम आलो' की इमारतों में घुसकर आग लगा दी। चौधरी ने दावा किया कि मीडिया हाउसों पर हमले, यहां तक कि उन पर जो पहले इन समूहों का समर्थन करते थे, उसी पैटर्न का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा, 'अगर कोई कहे कि यह हिंसा अचानक हुई, तो यह बिलकुल गलत है। कई दिनों तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं थी, लेकिन जैसे ही मंत्रियों ने खून-खराबे की बात की, कट्टरपंथी भीड़ ने वैसा ही किया।'

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