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'आप होतीं तो मुझे थाम लेतीं...', मां सुषमा स्वराज की पुण्यतिथि पर कचोटा बांसुरी का दिल; लिखी ये इमोशनल कविता

सुषमा स्वराज को लोग आज भी एक ऐसा नेता के तौर पर याद करते हैं जिसने केंद्रीय विदेश मंत्री रहते हुए ना जाने कितने जरूरतमंदों की मदद की। आज बांसुरी ने अपनी मां की एक तस्वीर शेयर की और इसे एक भावुक कविता के साथ जोड़ा।

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Image Source : X- @BANSURISWARAJ मां सुषमा स्वराज के साथ बांसुरी स्वराज।

पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की आज 6वीं पुण्यतिथि है। इस दिन पर बांसुरी स्वराज ने अपनी दिवंगत मां को याद किया। बांसुरी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर अपनी मां की एक तस्वीर शेयर की और इसे एक भावुक कविता के साथ जोड़ा। इस कविता में बांसुरी स्वराज का दर्द साफ देखने को मिला है।

बेटी बांसुरी ने मां को किया याद

सुषमा स्वराज को याद करते हुए उनकी बेटी और लोकसभा सांसद बांसुरी ने X पर लिखा है- 

छह बरस हो गए माँ…
पर आज भी अनायास ही आँखें आपको ढूँढ लेती हैं, भीड़ में, संसद की तस्वीरों में, हर उस मोड़ पर जहाँ आप होतीं तो मुझे थाम लेतीं।

छह बरस हो गए माँ…
पर हर उपलब्धि पर दिल सबसे पहले आपकी आँखें तलाशता है, क्योंकि आपकी नज़र से मिली शाबाशी ही मेरी सबसे बड़ी जीत होती थी।

छह बरस हो गए माँ…
लेकिन आप अब भी हर धड़कन में गूंजती हैं,
हर संघर्ष में संबल बनकर साथ चलती हैं।

मेरी राह आज भी आपके आशीर्वाद से रोशन है।
Miss you, Ma!

सुषमा स्वराज को लोग आज भी एक ऐसा नेता के तौर पर याद करते हैं जिसने केंद्रीय विदेश मंत्री रहते हुए ना जाने कितने जरूरतमंदों की मदद की। अपने निधन के चंद घंटे पहले सुषमा स्वराज ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 निरस्त किए जाने के लिए ट्वीट कर मोदी सरकार की सराहना की थी।

प्रधानमंत्री मोदी की भरोसेमंद मंत्री 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब साल 2014 में जीत कर दिल्‍ली पहुंचे तो उन्‍होंने विदेश मंत्री के तौर पर सुषमा पर भरोसा जताया। तीन दशकों से ज्‍यादा की राजनीति का अनुभव रखने वाली सुषमा ने भी पीएम मोदी को निराश नहीं किया। पीएम मोदी का सुषमा पर विश्‍वास इस कदर था कि साल 2015 से उन्‍होंने यूनाइटेड नेशंस की जनरल असेंबली में भारत की तरफ से सुषमा को ही प्रतिनिधित्‍व करने के लिए भेजा। सुषमा ने इस मंच से हर मसले को दुनिया के सामने रखा। उरी आतंकी हमले के बाद इसी मंच से सुषमा ने पाकिस्‍तान को करारा जवाब दिया। सुषमा, एमपी की विदिशा सीट से सांसद थीं। पीएम मोदी ने उनके निधन के एक व्‍यक्तिगत क्षति करार दिया था।

6 अगस्त, 2019 को ली थी अंतिम सांस

बता दें, पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का निधन 6 अगस्त, 2019 को 67 वर्ष की आयु में हृदयाघात से निधन हो गया था। सालों बाद उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने का काम बांसुरी स्वराज ने किया है। लोकसभा चुनाव 2024 में बांसुरी नई दिल्ली सीट जीत कर संसद पहुंची हैं।

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