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Consumer Rights: बीमा कंपनी की चालाकी पर चला आयोग का डंडा, उपभोक्ता को ऐसे दिलाए पूरे 14 लाख रुपये; जानें पूरा मामला

बीमा कंपनी आपका क्लेम निपटाने में देरी कर रही है और दूसरी तरफ बैंक वाले भी आपको परेशान कर रहे हैं तो जरा रुकिए। इस खबर में पढ़िए ऐसी ही परेशानी से जूझ रहे उपभोक्ता को कैसे इंसाफ मिला।

Consumer rights story- India TV Hindi
Image Source : PEXELS पढ़िए बीमा कंपनी से आयोग ने उपभोक्ता को कैसे न्याय दिलाया।

नई दिल्ली: अगर आपने अपनी गाड़ी का बीमा करवाया था और बीमा कंपनी अब आपके दावे का भुगतान नहीं कर रही है तो आपको टेंशन लेने की जरूरत नहीं है। आप E-Jagriti पोर्टल के जरिए जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज करवा के इंसाफ पा सकते हैं। ऐसा ही तमिलनाडु में धरमपुरी के कृष्णागिरी में एक उपभोक्ता के साथ हुआ था, जिसे आयोग ने बैंक और बीमा कंपनी से 14 लाख 80 हजार रुपये दिलवाए हैं। दरअसल, यहां एक उपभोक्ता ने अपने काम के लिए कमर्शियल गाड़ी खरीदी थी। उन्होंने इसके लिए बैंक से लोन लिया था, और गाड़ी का 4.8 लाख रुपये का इंश्योरेंस करवाया था। फिर 9 दिसंबर, 2020 को उनकी गाड़ी चोरी हो गई थी।

बीमा कंपनी और बैंक ने ऐसे की थी ज्यादती

बता दें कि गाड़ी चोरी होने के बाद उपभोक्ता ने तुरंत पुलिस स्टेशन में जाकर शिकायत दर्ज कराई। फिर उसने बीमा कंपनी और बैंक को सूचना दी, लेकिन गाड़ी नहीं मिली। बावजूद इसके बीमा कंपनी ने दावा निपटाने में देरी की। दूसरी तरफ, बैंक ने उपभोक्ता से पूरी धनराशि और ब्याज वसूला।

इस आसान तरीके से आयोग में की शिकायत

इसके बाद, परेशान उपभोक्ता ने इंसाफ की उम्मीद में 13 मार्च 2025 में E-Jagriti पोर्टल के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दर्ज की। फिर आयोग ने सभी दस्तावेजों और तर्कों को सुनने के बाद पाया कि बीमा कंपनी ने Contract की शर्तों का उल्लंघन किया। बीमा कंपनी ने दावा भुगतान नहीं किया। इसके अलावा, बैंक ने भी अनुचित तौर पर ब्याज वसूला।

आयोग ने उपभोक्ता को दिलाए 14 लाख 80 हजार रुपये

जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने 28 मई 2025 को आदेश दिया कि बीमा कंपनी, उपभोक्ता को 4 लाख 80 हजार रुपये की धनराशि 12 प्रतिशत ब्याज समेत चुकाए। इसके अलावा, बैंक को अनुचित रूप से वसूला गया ब्याज भी उपभोक्ता को लौटाना होगा। साथ ही, बीमा कंपनी और बैंक मिलकर 10 लाख रुपये क्षतिपूर्ति के तौर पर उपभोक्ता को दें।

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