1. Hindi News
  2. भारत
  3. राष्ट्रीय
  4. Cyclone Arnab ने लिया विकराल रूप, भीषण चक्रवाती तूफान में बदला, कल आंध्र तट पर लैंडफॉल

Cyclone Arnab ने लिया विकराल रूप, भीषण चक्रवाती तूफान में बदला, कल आंध्र तट पर लैंडफॉल

एक बार फिर देश के पूर्वी समुद्री तट पर एक भीषण चक्रवाती तूफान दस्तक देने वाला है। इस तूफान की आहट के बाद सभी एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। साइक्लोन अर्नब भीषण चक्रवाती तूफान में बदल चुका है। कल यह आंध्र के तट से टकरा सकता है।

Cyclone- India TV Hindi
Image Source : PTI/FILE चक्रवाती तूफान

बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवात 'अर्नब' अब अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान में बदल गया है। मौसम विभाग के मुताबिक यह तूफान 28 अक्तूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तटों के बीच बापटला और विशाखापत्तनम के पास लैंडफॉल कर सकता है। इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटे रहने और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।

23 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तट की ओर बढ़ रहा तूफान

भुवनेश्वर में मौसम विभाग के रीजनल मेटियोरोलॉजिकल सेंटर के अनुसार, यह चक्रवाती सिस्टम पिछले छह घंटों में 23 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और 26 अक्टूबर को रात 11.30 बजे बंगाल की खाड़ी के पश्चिम-मध्य पर केंद्रित था। यह तूफान उस समय ओडिशा के गोपालपुर से करीब 400 किमी दक्षिण पूर्व, विशाखापत्तनम से 350 किमी दक्षिण पूर्व और काकीनाडा से 420 किमी पूर्व-दक्षिण पूर्व में स्थित था। विशाखापत्तनम स्थित डॉप्लर मौसम रडार से इस तूफान पर लगातार नजर रखी जा रही है। 

आंध्र में राहत कार्यों के लिए 27 करोड़ रुपये जारी, शैक्षणिक संस्थान बंद

आंध्र प्रदेश सरकार ने चक्रवात 'अर्नब' के कारण भारी बारिश और तेज हवा चलने की आशंका के बीच सोमवार को राहत कार्यों के लिए 20 जिलों को 27 करोड़ रुपये जारी किए। संवेदनशील इलाकों में राष्ट्रीय एनडीआरएफ की 15 टीमें तैनात की गई हैं। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एपीएसडीएमए) के मुताबिक, राहत और बचाव कार्यों के लिए बापटला, कृष्णा, कोनसीमा, पूर्वी गोदावरी, पश्चिमी गोदावरी, काकीनाडा और अनकापल्ली जिलों को दो-दो करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इस बीच, सरकार की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि चक्रवात से प्रभावित क्षेत्रों में एहतियात के तौर पर शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। बयान के अनुसार, समुद्र तटों पर लोगों के जाने पर रोक लगा दी गई है। पेयजल की कमी से निपटने के लिए जरूरत के मुताबिक तैनाती हेतु 2,613 आपातकालीन पानी के टैंकर तैयार रखे गए हैं। 

सीएम नायडू ने भी की समीक्षा

इससे पहले मुख्यमंत्री एन.चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चक्रवात 'अर्नब' की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने, पहले से ही एहतियाती उपाय करने और जान-माल का कोई नुकसान न होने को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा की और उन्हें निर्देश दिया कि वे मौसम प्रणाली के संभावित प्रभाव के अनुसार लोगों को सतर्क करें तथा नुकसान को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। 

ओडिशा में स्कूल बंद, लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया 

ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के 28 अक्टूबर को तट से टकराने की आशंका के मद्देनजर छह जिलों में सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया है। इसके साथ ही संवेदनशील इलाके से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाना शुरू कर दिया गया। आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा, ''हम कोई जोखिम नहीं लेना चाहते। इसलिए आपदाओं के दौरान जान-माल की सुरक्षा के लिए ओडिशा की 'शून्य जनहानि' नीति के तहत हाई लेवल पर तैयारियां की गई हैं।'' संवेदनशील छह जिलों में समुद्र में मछली पकड़ने और पहाड़ियों, झरनों, बांधों तथा दर्शनीय स्थलों पर पर्यटकों के जाने पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। 

Image Source : PTIचक्रवाती तूफान

मंत्री ने कहा कि सरकार ने दक्षिणी ओडिशा के संवेदनशील छह जिलों गंजाम, गजपति, रायगढ़ा, मलकानगिरि, कोरापुट और नबरंगपुर में अपने कर्मचारियों और मशीनरी को पहले ही तैनात कर दिया है। पुजारी ने कहा कि तैयारियों की निगरानी के लिए आठ मंत्रियों और अनुभवी वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है। मंत्री ने बताया कि निचले और संवेदनशील इलाकों से निकाले जा रहे लोगों को ठहराने के लिए सभी आश्रय केंद्रों के साथ कुछ अस्थायी केंद्रों को भी तैयार कर लिया गया है।  मंत्री ने कहा कि स्थिति के बेहद खराब होने की आशंका के मद्देनजर सरकार ने समुद्र तटों पर आम लोगों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया है और इसके अलावा इन छह जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रहेंगे। 

गंजम में सभी आंगनवाड़ी केंद्र बंद

वहीं इस चक्रवाती तूफान को लेकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलर्ट जारी कर दिया गया है। ओडिशा में गंजम जिला प्रशासन ने साइक्लोन अर्नब के संभावित असर को देखते हुए 27 से 29 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में छुट्टियां घोषित कर दी हैं। आंगनवाड़ी वर्कर्स (AWWs) और आंगनवाड़ी हेल्पर्स (AWHs) को अपने-अपने इलाकों में रहने की सलाह दी गई है। एडवाइजरी में आगे कहा गया है कि बंद के दौरान लगातार न्यूट्रिशनल सपोर्ट पक्का करने के लिए सूखा राशन / टेक-होम राशन (THR) सीधे लाभार्थियों के घर तक पहुंचाया जाएगा।

ओडिशा स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी भी गाड़ियों के आवागमन और ट्रांसपोर्ट के लिए एहतियाती कदम उठा रहा है। ओडिशा सरकार ने एक एडवाइज़री जारी करके मीडिया आउटलेट्स और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म को साइक्लोन के बारे में झूठे, गुमराह करने वाले या अंदाज़े वाले अनुमान और चेतावनी फैलाने को लेकर अलर्ट जारी किया है।

तमिलनाडु में भी अलर्ट जारी, मछुआरों को समंदर में नहीं जाने की सलाह

चक्रवात अर्नब के पूर्वानुमान को देखते हुए पड़ोसी राज्य तमिलनाडु में भी अलर्ट जारी किया गया है। वहां कुछ हिस्सों में शनिवार से ही भारी बारिश हो रही है। राज्य के तटीय इलाकों में बड़ी संख्या में मछली पकड़ने वाले रहते हैं। उनकी रोजी-रोटी समुद्र की बदौलत चलती है। अलर्ट के बाद हजारों मछली पकड़ने वाली नावें तूतुकुडी और पंबन में ही रोक दी गई हैं।

मछली पकड़ने वालों ने मांग की है कि चक्रवात की वजह से उन्हें जो नुकसान होने की आशंका है, मुआवजा देकर उसकी भरपाई की जाए। चक्रवात की चेतावनी ने न सिर्फ मछली पकड़ने वालों को, बल्कि उन दिहाड़ी मजदूरों को भी प्रभावित किया है जिन्हें कमाई के लिए पड़ोसी राज्यों में जाना पड़ता है। 

रेलवे भी अलर्ट, कई ट्रेनें कैंसिल

वहीं चक्रवात 'अर्नब' को ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही हैं। भारतीय रेल के दक्षिण तटीय रेलवे (साउथ कोस्ट रेलवे-SCoR) जोन ने चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। साउथ कोस्ट रेलवे 27 और 28 अक्टूबर को यात्राएं शुरू करने वाली अभी तक कुल 53 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा कर चुका है।

ये भी पढ़ें:
बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान, देश के कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, जानें दिल्ली-UP के मौसम का हाल

 

 

Latest India News