बंगाल की खाड़ी में चक्रवात भयानक रूप धारण करता जा रहा है। इस चक्रवात को 'अर्नब' नाम दिया गया है। चक्रवात 'अर्नब' को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल भी कई तरह की तैयारियों में जुटा हुआ है। भारतीय रेल के दक्षिण तटीय रेलवे (साउथ कोस्ट रेलवे-SCoR) जोन ने चक्रवात से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए कई ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। साउथ कोस्ट रेलवे 27 और 28 अक्टूबर को यात्राएं शुरू करने वाली अभी तक कुल 53 लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने की घोषणा कर चुका है।
संदीप माथुर ने की सुरक्षा उपायों, आपातकालीन तैयारियों के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा
SCoR के जनरल मैनेजर संदीप माथुर ने सुरक्षा उपायों, आपातकालीन तैयारियों और यात्रियों की सहायता के लिए की गई व्यवस्थाओं की समीक्षा की। साउथ कोस्ट रेलवे के जोनल हेडक्वार्टर में 24x7 वॉर रूम स्थापित किया गया है। चक्रवात 'अर्नब' के कारण भारी बारिश और तेज हवाओं की संभावना को ध्यान में रखते हुए, साउथ कोस्ट रेलवे के जनरल मैनेजर संदीप माथुर ने यात्रियों, रेलवे कर्मचारियों और ट्रेनों के परिचालन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरे जोन में एहतियाती उपायों और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। इस संबंध में चारों डिवीजनों के डीआरएम और पीएचओडी के साथ एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
संवेदनशील रेलवे पुलों, पटरियों, यार्डों और सिग्नलिंग सिस्टम की चौबीसों घंटे निगरानी
साउथ कोस्ट रेलवे ने संवेदनशील रेलवे पुलों, पटरियों, यार्डों और सिग्नलिंग सिस्टम की चौबीसों घंटे निगरानी तेज कर दी है। जलभराव को रोकने के लिए कैच-वॉटर ड्रेन और ड्रेनेज चैनलों से गाद, वनस्पति और मलबे को हटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संवेदनशील स्थानों पर पेट्रोलमैन और वॉचमैन तैनात किए गए हैं, साथ ही आपातकालीन ट्रैक रखरखाव सामग्री का पर्याप्त स्टॉक भी सुनिश्चित किया गया है।
जोनल हेडक्वार्टर और डिवीजन हेडक्वार्टर में स्थापित किए गए 24x7 वॉर रूम
जनरल मैनेजर ने अधिकारियों को राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ तालमेल बनाए रखने और मौसम विभाग द्वारा जारी मौसम संबंधी सलाहों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया है। आपातकालीन स्थितियों में तत्काल कार्रवाई और बेहतर तालमेल के लिए साउथ कोस्ट रेलवे के जोनल हेडक्वार्टर और डिवीजन हेडक्वार्टर में 24x7 वॉर रूम स्थापित किए गए हैं। यात्रियों की सहायता और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है।
टिकट रिफंड की सुविधा के लिए खोले जाएंगे अतिरिक्त काउंटर
प्रमुख स्टेशनों पर समय पर जानकारी देने के लिए हेल्प डेस्क बनाए जा रहे हैं। साथ ही, अगर कोई ट्रेन रद्द होती है, तो टिकट रिफंड की सुविधा के लिए अतिरिक्त काउंटर भी खोले जाएंगे। कैटरिंग यूनिट्स को खाने-पीने की चीजों का पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया है और बिजली की वैकल्पिक सप्लाई की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है। आपातकालीन स्थिति में चौबीसों घंटे सहायता के लिए मेडिकल टीमें, प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं और एम्बुलेंस तैयार रखी गई हैं।
स्पेशल ट्रेनें चलाने के लिए स्टैंडबाय पर रखे गए रेलवे क्रू
साउथ कोस्ट रेलवे ने सिविल डिफेंस कर्मियों और स्काउट्स एंड गाइड्स के स्वयंसेवकों को सतर्क कर दिया गया है। इसके अलावा, जरूरत पड़ने पर स्पेशल ट्रेनें चलाने के लिए रेलवे क्रू को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है। प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर सहायता पहुंचाने के लिए इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीमें भी तैयार रखी गई हैं।
27 और 28 अक्टूबर को रद्द की गईं ट्रेनों की पूरी लिस्ट




27 अक्टूबर तक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शनिवार को बताया था कि बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र गहरा होकर अवदाब में बदल गया है और इसके 27 अक्टूबर तक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार शाम 05:30 बजे अवदाब बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे दक्षिण-पूर्वी हिस्से के ऊपर केंद्रित था।
पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान
आईएमडी के मुताबिक, 27 अक्टूबर की सुबह तक तूफान के पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने का अनुमान है। इसके उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और बहुत ज्यादा तीव्र होकर बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की आशंका है।
140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं झोंकों की रफ्तार
मौसम विभाग ने बताया कि तूफान के 28 अक्टूबर की सुबह तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है। इसके 28 अक्टूबर की पूर्वाह्न बापटला और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तथा यानम के तटों को बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में पार करने की प्रबल संभावना है। विभाग के अनुसार, इस दौरान हवा की अधिकतम निरंतर गति 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है।
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