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बारामूला के सांसद को संसद के शीतकालीन सत्र में शामिल होने के लिए कोर्ट से मिली सशर्त इजाजत, यात्रा खर्च कौन देगा?

पटियाला हाउस कोर्ट ने बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख को 18वीं लोकसभा के 6वें सत्र में हिरासत में रहते हुए शामिल होने की इजाजत दे दी है।

बारामूला सांसद अब्दुल राशिद शेख- India TV Hindi
Image Source : ANI बारामूला सांसद अब्दुल राशिद शेख। फाइल

नई दिल्लीः पटियाला हाउस कोर्ट ने बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख उर्फ ​​इंजीनियर राशिद को 18वीं लोकसभा के 6वें सत्र में हिरासत में रहते हुए शामिल होने की इजाजत दे दी है। एडिशनल सेशंस जज प्रशांत शर्मा की कोर्ट ने अब्दुल राशिद शेख को सदन के सत्र में शामिल होने की इजाजत दी। कोर्ट ने कहा पहले की तरह ही उसी शर्तों पर अनुमति दी गई है। कोर्ट ने यह भी कहा कि यात्रा खर्च कौन देगा यह फैसला बाद में दिल्ली हाई कोर्ट में लंबित अपील के अनुसार किया जाएगा।

​​इंजीनियर राशिद ने कोर्ट से मांगी थी पैरोल

इससे पहले पटियाला हाउस कोर्ट ने बुधवार को बारामूला के सांसद अब्दुल राशिद शेख की दिसंबर में होने वाले पार्लियामेंट सेशन में शामिल होने के लिए कस्टडी पैरोल की अर्जी पर अपना ऑर्डर सुरक्षित रख लिया। वह NIA द्वारा दर्ज किए गए एक टेरर केस में कस्टडी में हैं। बारामूला के सांसद ने 1 दिसंबर से शुरू होने वाले पार्लियामेंट सेशन में शामिल होने के लिए बिना किसी खर्च के अंतरिम बेल या कस्टडी पैरोल मांगी थी।

1.45 लाख खर्च रोजाना खर्च का अनुमान

पुलिस ने अनुमान लगाया था कि राशिद को पार्लियामेंट जाने के लिए हर दिन लगभग Rs 1.45 लाख का खर्च आएगा, जिसे उसे देना होगा। इस साल मार्च में दिल्ली हाई कोर्ट ने सांसद को बजट सेशन के दौरान पार्लियामेंट जाने की इजाज़त देते हुए यह शर्त रखी थी कि जब तक राशिद राज्य की कस्टडी में है, तब तक उसकी यात्रा और दूसरे इंतज़ामों का खर्च उसे उठाना होगा। जस्टिस भंभानी ने कहा था कि राशिद से सिर्फ़ एक ही सही खर्च मांगा जा सकता है, वह है उसे जेल से पार्लियामेंट ले जाने और वापस लाने का ट्रांसपोर्टेशन का खर्च।  

2019 से जेल में बंद हैं राशिद

बता दें राशिद आठ साल पुराने टेरर फंडिंग केस में 2019 से तिहाड़ जेल में बंद है। उन्हें लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के फाउंडर हाफिज सईद और दूसरे अलगाववादी नेताओं के खिलाफ 2017 में दर्ज NIA केस में अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया था और दिल्ली की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने मार्च 2022 में राशिद के खिलाफ आरोप तय किए थे।

 

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