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VIDEO: जनसभा में शामिल होने जा रही थीं पर्यावरणविद मेधा पाटकर, रेलवे स्टेशन पर पुलिस ने किया डिटेन

मेधा पाटकर को रायगड़ा रेलवे स्टेशन से पुलिस ने हिरासत में लिया। वह एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं, जिसका आयोजन "मां माटी सुरक्षा मंच" की ओर से किया गया था।

पुलिस हिरासत में मेधा पाटकर- India TV Hindi
पुलिस हिरासत में मेधा पाटकर

ओडिशा: प्रख्यात पर्यावरणविद मेधा पाटकर को गुरुवार को ओडिशा के रायगड़ा रेलवे स्टेशन से पुलिस ने हिरासत में ले लिया। वह काशीपुर ब्लॉक के सुंगेर गांव के हाटपदा इलाके में विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने जा रही थीं। इस कार्यक्रम का आयोजन "मां माटी सुरक्षा मंच" की ओर से किया गया था और इसका उद्देश्य सीजिमाली खनन परियोजना का शांतिपूर्ण विरोध करना था।

क्यों लिया गया हिरासत में?

जानकारी के अनुसार, सुंगेर इलाके में ग्रामीण लंबे समय से खनन के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं। स्थानीय लोग सीजिमाली खदान के कारण पर्यावरण और अपने जीवन पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं। इसी पृष्ठभूमि में, आज एक जनसभा रखी गई थी, जिसमें मेधा पाटकर सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं और संगठनों के नेताओं को भाग लेना था।

किसके निर्देश पर हुई कार्रवाई?

हालांकि, कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले ही पुलिस ने रायगड़ा स्टेशन पर मेधा पाटकर और उनके साथ आए अन्य कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस उन्हें एक सुनसान जगह पर ले गई और उन्हें सभा में शामिल न होने के लिए समझाने का प्रयास किया। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई जिला प्रशासन के निर्देश पर की गई है। कलेक्टर द्वारा अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया गया है।

कई नेता भी हिरासत में लिए गए

मेधा पाटकर के साथ हिरासत में लिए गए अन्य प्रमुख नेताओं में पश्चिम ओडिशा किसान संगठन समन्वय समिति के नेता लिंगराज, फर्जी मुकदमे विरोधी अभियान के नरेंद्र महांती और जय किसान आंदोलन से जुड़े हर बनिया शामिल हैं।

आदिवासी आंदोलनकारी भी गिरफ्तार

इसी तरह से कई आदिवासी आंदोलनकारियों को पहले भी गिरफ्तार किया गया है। आज के कार्यक्रम में पर्यावरणविद प्रफुल्ल सामंतराय, किसान नेता लिंगराज आजाद और अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों को भी शामिल होना था। फिलहाल, पुलिस की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेतृत्वकर्ता 

मेधा पाटकर एक प्रमुख भारतीय सामाजिक कार्यकर्ता हैं। वह मुख्य रूप से पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक न्याय और विस्थापित समुदायों के अधिकारों के लिए अपने आंदोलनों के लिए जानी जाती हैं। मेधा पाटकर को नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेतृत्वकर्ता के रूप में भी जाना जाता है। यह आंदोलन नर्मदा नदी पर बन रहे बड़े बांधों, विशेष रूप से सरदार सरोवर बांध के विरोध में शुरू किया गया था। इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य बांधों के निर्माण से विस्थापित होने वाले लोगों के अधिकारों की रक्षा करना और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की पोल खोलना था। उन्होंने विस्थापितों के उचित पुनर्वास और मुआवजे की मांग की।

(रिपोर्ट- शुभम कुमार)

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