दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने हाल ही में जासूसी के आरोप में हसीन को गिरफ्तार किया था, जिसने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। हसीन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) के इशारे पर भारत में स्लीपर सेल का एक बड़ा नेटवर्क तैयार कर रहा था। पूछताछ में हसीन ने बताया कि उसे पाकिस्तान से ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस नेटवर्क से जोड़ने के निर्देश मिले थे।
कई बार पाकिस्तान गया था हसीन
पूछताछ में हसीन ने बताया कि उसने चार भारतीय नंबर भी आईएसआई (ISI) को उपलब्ध कराए थे। इन नंबरों का इस्तेमाल PIO (Pakistan Intelligence Oparative) हनी ट्रैप में भारतीय नागरिकों को फंसाने के लिए कर रहे थे। उसने यह भी बताया कि हसीन 2 से 3 बार पाकिस्तान गया था। हालांकि, वह वहां अपने रिश्तेदारों के घर रुका, लेकिन वह पाकिस्तानी हैंडलर से बात करने के लिए अपने रिश्तेदारों के फोन का इस्तेमाल करता था।
दोनों जासूस भाइयों की कोर्ट में पेशी
हसीन और कासिम दोनों को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दोनों भाइयों- कासिम और हसीन को राजस्थान के डीग जिले से गिरफ्तार किया था। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पंजाब और हरियाणा में जासूसों की गिरफ्तारी का शुरू हुआ सिलसिला अब तक जारी है।
जासूसी मामले में NIA की 8 राज्यों में छापेमारी
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने बीते शनिवार पाकिस्तान से जुड़े जासूसी मामले में 8 राज्यों में 15 स्थानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की। हाल ही में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने के आरोप में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के एक सहायक उप निरीक्षक मोती राम जाट की गिरफ्तारी के बाद यह छापेमारी की गई। जाट को सीआरपीएफ से बर्खास्त कर दिया गया था। बीते शनिवार को दिल्ली, महाराष्ट्र (मुंबई), हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, असम और पश्चिम बंगाल में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों (पीआईओ) से जुड़े संदिग्धों के ठिकानों पर छापे मारे गए। NIA की टीमों ने छापेमारी के दौरान कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, संदिग्ध वित्तीय दस्तावेज और अन्य कागजात बरामद किए।
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