काबुल: पाकिस्तान की सेना ने रविवार की सुबह अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में किए गए हमलों में कम से कम 70 उग्रवादियों को मार गिराने का दावा किया है। हालांकि अफगानिस्तान ने कहा है कि पाकिस्तान ने आम नागरिकों पर हमला किया है, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी मारे गए हैं। भारत ने अफगानिस्तान पर किए गए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। बलूचिस्तान ने भी अफगानिस्तानियों को भाई कहते हुए उनके साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया है।
भारत ने पाकिस्तान का बताया आंतरिक फेलियर
अफगानिस्तान पर हमले को भारत ने पाकिस्तान का आंतरिक फेलियर छुपाने का प्रयास बताया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा, "भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान द्वारा की गई एयर स्ट्राइक की कड़े शब्दों में निंदा करता है, जिसमें रमदान के पवित्र महीने में बच्चों और महिलाओं समेत आम नागरिकों की मौत हुई है। यह पाकिस्तान द्वारा अपनी आंतरिक कमियों को छुपाने का एक और प्रयास है। भारत पूरी तरह अफगानिस्तान की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और उसकी स्वतंत्रता के साथ खड़ा है।"
अफगान रक्षा मंत्रालय ने बयान में कहा कि पूर्वी अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में "विभिन्न नागरिक क्षेत्रों" को निशाना बनाया गया, जिसमें एक धार्मिक मदरसा और कई घर शामिल हैं। बयान में इसे अफगानिस्तान की हवाई क्षेत्र और संप्रभुता का उल्लंघन बताया। अफगान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने X पर कहा कि हमलों में "दर्जनों लोग मारे और घायल हुए, जिसमें महिलाएं और बच्चे शामिल हैं।" उन्होंने पाकिस्तान के 70 उग्रवादियों को मार गिराने के दावे को "गलत" बताया। नंगरहार प्रांत में अफगान रेड क्रिसेंट सोसाइटी के प्रांतीय निदेशक मौलवी फजल रहमान फैयाज ने कहा कि 18 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हुए।
बलूचिस्तान ने एक बयान जारी कर सभी अफगान नागरिकों को भाइयों और बहनों कहकर संबोधित किया। बलूचिस्तान ने कहा कि वे पाकिस्तान से जुड़े ऑपरेटिव्स द्वारा चलाए जा रहे समन्वित सूचना अभियानों के प्रति सतर्क और जागरूक रहें। यानी पाकिस्तान के ट्रोल ऑपरेटिव्स, जिनमें जन अचकजई शामिल हैं, जो यूनाइटेड किंगडम में दोषसिद्ध अपराधी हैं। ये व्यक्ति पाकिस्तान के हितों की ओर से कार्य करते हुए अफगान जनमत को प्रभावित करने और गुमराह करने का सक्रिय प्रयास कर रहे हैं।
पश्तो बोलकर वे खुद को अफगान समाज में घुल-मिल जाने का दिखावा करते हैं, हालांकि अधिकांश अफगान अब इनके बारे में जागरूक हो चुके हैं। पश्तो बोलने वाले के रूप में खुद को पेश करके झूठा विश्वास और सांस्कृतिक परिचय बनाना चाहता है। मगर वो अफगानी नहीं हैं, वो पाकिस्तानी है। बलूचिस्तान अफगानिस्तान की क्षेत्रीय पारदर्शिता, स्थिरता और क्षेत्र के लोगों के बीच पारस्परिक सम्मान के लिए खड़ा है।
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