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BRICS समिट में मिले भारत और चीन के 'दिल'! इन 7 अहम मुद्दों पर हुए राजी

नई दिल्ली में आयोजित BRICS समिट 2026 में चीन और भारत करीब आते दिखे। इसके संकेत उन अहम मुद्दों पर सहमति से मिले, जिनपर भारत और चीन राजी हो गए हैं। इनमें सीमा विवाद के निष्पक्ष और स्वीकार्य समाधान का मसला भी रहा।

BRICS Summit India China talks- India TV Hindi
Image Source : PTI भारत और चीन के बीच 7 अहम मुद्दों पर सहमति बन गई है।

BRICS समिट 2026 से अच्छी खबर आई है कि 7 साल बाद भारत और चीन ने खुले दिल से एक-दूसरे की नीतियों का समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भरोसे के तीन 'म्यूचुअल' पर जोर दिया है। ये तीन 'म्यूचुअल' हैं- पारस्परिक सम्मान, पारस्परिक संवेदनशीलता और पारस्परिक हित। BRICS समिट में भारत और चीन के बीच 7 अहम मुद्दों पर भी सहमति बनी। आइए इनके बारे में जानते हैं।

भारत-चीन के बीच 7 अहम मुद्दों पर सहमति

  1. संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखा जाएगा।
  2. मतभेदों को विवाद में नहीं बदलने दिया जाएगा।
  3. सीमा विवाद का निष्पक्ष और स्वीकार्य समाधान तलाशा जाएगा।
  4. व्यापारिक और सांस्कृतिक संबंधों को आगे बढ़ाया जाएगा।
  5. दोनों देश के लोगों के बीच आवाजाही को बढ़ावा दिया जाएगा।
  6. आर्थिक और व्यापारिक चिंताओं का समाधान तलाशा जाएगा।
  7. क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर सहयोग बढ़ाया जाएगा।

विवाद में नहीं बदलने चाहिए मतभेद

इसके साथ ही, पीएम मोदी ने माना कि दोनों देशों के बीच मतभेद हैं लेकिन उन्होंने ये भी कहा कि मतभेद विवाद में नहीं बदलने चाहिए। उधर, चीनी प्रेसिडेंट शी जिनपिंग ने भी माना कि दुनिया के दो सबसे ज्यादा आबादी वाले देश और 'ग्लोबल साउथ' के अहम सदस्यों के तौर पर दोनों देशों की जिम्मेदारी बड़ी है, इसलिए मिलकर काम करना होगा। इसके अलावा, BRICS समिट के दूसरे दिन वर्ल्ड लीडर्स को संबोधित करते हुए PM मोदी ने ये भी कहा कि हमारी विविधता हमारी पहचान रहे और हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने

BRICS में यूं काम आई PM मोदी की डिप्लोमेसी

गौरतलब है कि दिल्ली पर दुनिया की नजर है। पीएम मोदी की डिप्लोमेसी की परख भी की जा रही है। लेकिन ब्रिक्स के घोषणापत्र से जो बातें निकल कर आई हैं, वो अपने आप में भारत की जीत है। इसे इन पांच पॉइंट्स से समझ सकते हैं।

  1. UNSC में अब चीन भी भारत का सपोर्ट करेगा, जो हमेशा से विरोध करता आया है। चीन ने न्यू डेल्ही डिक्लेरेशन पर साइन भी किया है।
  2. पहलगाम टेरर अटैक की निंदा की गई।
  3. आतंकवाद पर जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया गया। सभी सदस्य देशों ने एक सुर में इसपर सहमति जताई है।
  4. मिडिल-ईस्ट में शांति की पैरवी भारत हमेशा करता आया है, उसपर भी ब्रिक्स की मुहर लगी है।
  5. सभी देशों ने एक साथ मिलकर टैरिफ को लेकर जो मनमानी चल रही है, उसके खिलाफ प्रस्ताव पास किया है।

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