जैसलमेर: राजस्थान के जैसलमेर जिले में भारत-पाक सीमा के पास लोंगेवाला बॉर्डर पर भारतीय सेना की एलीट यूनिट भैरव कमांडोज़ ने ‘ऑपरेशन थार शक्ति 2025’ में अपने शौर्य और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। इस युद्धाभ्यास में भैरव कमांडोज़ के साथ-साथ इन्फैंट्री, आर्टिलरी और आर्मी एयर डिफेंस यूनिट्स ने भी हिस्सा लिया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस मौके पर पाकिस्तान को चेतावनी देते हुए कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर में सेना ने पाकिस्तान की अक्ल ठिकाने लगाने वाली डोज दे दी है। लेकिन, अगर पाकिस्तान ने फिर से कोई हिमाकत की, तो इस बार पाकिस्तान तबाह हो जाएगा।'
‘थार शक्ति’ में दिखी सेना की ताकत
‘ऑपरेशन थार शक्ति’ में भारतीय सेना ने टैंक कॉलम की मूवमेंट, तोपों से गोलीबारी और थल सेना को एयर सपोर्ट देने जैसे ऑपरेशनों का अभ्यास किया। आर्मी एयर डिफेंस की टीम ने कामीकाज़े ड्रोन से दुश्मन पर हमले की प्रैक्टिस की। इस युद्धाभ्यास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित टारगेटिंग सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, स्वदेशी अर्जुन और टी-90 टैंक, पिनाका रॉकेट सिस्टम जैसे हथियारों का इस्तेमाल किया गया। इस अभ्यास का मकसद भविष्य के युद्ध में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल की तैयारी करना था। युद्धाभ्यास में तीनों सेनाओं के बीच संयुक्त कार्रवाई, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन पर खास जोर दिया गया।
Image Source : PTIजैसलमेर के लोंगेवाला में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन थार शक्ति 2025' यु्द्धाभ्यास किया।
1971 की याद और ऑपरेशन सिंदूर की गूंज
लोंगेवाला वही ऐतिहासिक जगह है, जहां 1971 में पंजाब रेजीमेंट के 120 जवानों ने पाकिस्तान के 2000 सैनिकों और 40 टैंकों की टुकड़ी का डटकर मुकाबला किया था। रक्षा मंत्री ने इस शौर्य को याद करते हुए कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर इतिहास में केवल एक सैन्य अभियान के रूप में ही नहीं, बल्कि राष्ट्र के साहस और संयम के प्रतीक के रूप में भी दर्ज होगा। आतंकवादियों के खिलाफ हमारी सेना द्वारा की गई कार्रवाई नीतिगत सटीकता और मानव की गरिमा, दोनों के अनुरूप थी। ऑपरेशन अभी खत्म नहीं हुआ है। शांति के लिए हमारा मिशन तब तक जारी रहेगा जब तक एक भी आतंकवादी मानसिकता वाला व्यक्ति जिंदा है।'
Image Source : PTIरक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तनोट माता मंदिर में पूजा-अर्चना की।
तनोट माता मंदिर में रक्षा मंत्री की पूजा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार को जैसलमेर के तनोट माता मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और ‘बैटल एक्स’ डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल आशीष खुराना मौजूद थे। सिंह ने महादेव मंदिर में जलाभिषेक किया और मनसा माता मंदिर के पास खेजड़ी के पेड़ पर मनोकामना के लिए रुमाल बांधा। उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध में तनोट माता मंदिर पर गिराए गए उन बमों को भी देखा, जो नहीं फटे थे। सिंह ने कहा, 'तनोट माता के दर्शन कर मैं गौरवान्वित महसूस कर रहा हूं और मेरा जीवन धन्य हो गया है।'
पाकिस्तान पर पड़ रही है दोहरी मार
भारत की सैन्य ताकत देखकर पाकिस्तानी सेना के जनरल मुनीर की मुश्किलें बढ़ गई होंगी। दूसरी ओर, अफगानिस्तान के लड़ाकों ने भी पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है। अफगान तालिबान डूरंड लाइन को बॉर्डर नहीं मानते और खैबर पख्तूनख्वा (KPK) को अपना हिस्सा बताते हैं। अफगान लड़ाके पाकिस्तानी सेना को ललकारते हुए कह रहे हैं कि 'अगर मां का दूध पिया है तो कभी इस तरफ भी आओ, हम तुम्हें जंग का मज़ा चखाएंगे।' पाकिस्तान के पूर्व सैन्य अधिकारियों का भी कहना है कि अफगानिस्तान ने मुनीर की हालत खराब कर दी है। अब पाकिस्तान के सामने एक तरफ कुआं और दूसरी तरफ खाई है। (PTI इनपुट्स के साथ)
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