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सड़क हादसे के मामले में क्यों चली गई पुलिस कमिश्नर की कुर्सी? चर्चा में आया केरल सरकार का फैसला

केरल के कोच्चि में सड़क हादसे के एक मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है। सरकार ने कोच्चि पुलिस प्रमुख कालीराज महेश कुमार को उनके पद से हटा दिया है। आइए जानते हैं इस पूरे मामले के बारे में विस्तार से।

Kerala Kochi Police Commissioner removed- India TV Hindi
Image Source : ANI/X (@VDSATHEESAN) सांकेतिक फोटो।

केरल राज्य सरकार ने कोच्चि पुलिस प्रमुख कालीराज महेश कुमार को उनके पद से हटा दिया है। यह कदम एक सड़क दुर्घटना के मामले को कथित तौर पर गलत तरीके से संभालने को लेकर हुए विवाद के बाद उठाया गया है। सरकार ने उनकी जगह आर. निशांतिनी को कोच्चि शहर का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया है। पुलिस प्रमुख के खिलाफ यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब एक 'हिट-एंड-रन' मामले की जांच में पुलिस की लापरवाही को लेकर तीखी आलोचना हो रही है।

क्या है पूरा मामला?

इस सड़क हादसे के मामले में एक अतिरिक्त जिला अदालत के जज का 17 वर्षीय बेटा आरोपी है। नाबालिग ने मर्सिडीज-बेंज कार चलाते हुए एक स्कूटर को टक्कर मार दी, जिससे 55 वर्षीय जयबालकृष्णन की मौत हो गई। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि मामले को कमजोर करने के लिए साजिश रची गई थी। आरोप है कि जज ने अपने बेटे के फोन से फुटेज डिलीट करवा दी थी। हालांकि, जांचकर्ताओं ने मोबाइल से ऐसी फुटेज बरामद कर ली है, जिसमें दुर्घटना से कुछ समय पहले कार को तेज रफ्तार में चलते हुए देखा जा सकता है।

चार अन्य पुलिस अधिकारी निलंबित

घटना की जांच के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप में चार अन्य पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मंगलवार को चेरानल्लूर के CI के.एस. श्यामकुमार, SI वी.एस. विश्वजीत, ग्रेड ASI के.टी. मनोज और सीनियर CPO अरुण जोशी को निलंबित किया गया। गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने इन निलंबनों की घोषणा की। ADGP पी. विजयन ने कहा कि आरोपी किशोर के खिलाफ BNS की जमानती धाराओं के तहत मामला दर्ज करना पुलिस की एक गंभीर चूक थी। इंटेलिजेंस ब्यूरो ने भी कहा कि कालीराज इस घटना के समय कोई हस्तक्षेप करने में विफल रहे। आपको बता दें कि इससे पहले सितंबर महीने में भी केरल के त्रिशूर में दर्दनाक हादसा सामने आया था। यहां एक कार हाईवे पर खड़ी लॉरी से टकरा गई थी जिस कारण 8 लोगों की मौत हो गई थी।

मृतक व्यक्ति के बारे में क्या पता चला?

हादसे में जान गंवाने वाले जयबालकृष्णन मंजाली के रहने वाले थे और सड़क किनारे खाने-पीने की एक दुकान चलाते थे। 25 अक्टूबर की दरमियानी रात करीब ढाई बजे जब वे अपने घर लौट रहे थे, तभी किशोर की बेंज कार ने उनके स्कूटर को टक्कर मार दी। शुरुआत में, FIR के आधार पर पुलिस ने लापरवाही से मौत (death by negligence) से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। हालांकि, जांच के बाद इसे बदलकर BNS की धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या/culpable homicide) में बदल दिया गया, क्योंकि जांचकर्ताओं को मिले सबूतों से पता चला कि कार बहुत तेज रफ्तार से चलाई जा रही थी।

किशोर अक्सर गाड़ी चलाता था

जांच में ये बात सामने आई है कि किशोर अक्सर गाड़ी चलाता था और घटना वाले दिन देर रात कार लेकर बाहर निकला था ताकि सोशल मीडिया के लिए एक रील बना सके, जिसमें वह तेज रफ्तार से गाड़ी चलाता हुआ दिख रहा था। पुलिस स्टेशन में रखी क्षतिग्रस्त मर्सिडीज और स्ट्रीट फूड विक्रेता का पूरी तरह से नष्ट हो चुका स्कूटर, इस बात की ओर इशारा करते हैं कि टक्कर के समय गाड़ी की रफ्तार बहुत अधिक रही होगी। यह कार 2012 का टर्बो डीजल मॉडल थी, जो पूरी तरह से ऑटोमैटिक थी।

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