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"मैं 7 बार एमपी रही, कभी ऐसा चुनाव आयोग नहीं देखा', मीटिंग बीच में छोड़कर निकलीं ममता, जानिए और क्या बोलीं?

ममता बनर्जी एक बार फिर चुनाव आयोग पर बिफर पड़ीं। मीटिंग छोड़कर बाहर निकलीं ममता बनर्जी ने कहा कि मैं सात बार सांसद रह चुकी हैं लेकिन ऐसे चुनाव आयोग नहीं देखा।

Mamata banerjee- India TV Hindi
Image Source : PTI ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

नई दिल्ली:  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर चुनाव आयोग पर भड़क गई हैं। बंगाल एसआईआर को लेकर वह चुनाव आयोग दफ्तर मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने पहुंची थीं। लेकिन मीटिंग बीच में छोड़कर वह निकल गईं। मीटिंग से बाहर आने के बाद वह बुरी तरह बिफर पड़ीं। उन्होंने कहा कि मै सात बार सांसद रही लेकिन कभी ऐसा चुनाव आयोग नहीं देखा। कभी ऐसा एरोगेंट CEC नहीं देखा।

चुनाव से ठीक पहले एसआईआर की जरूरत क्या थी?

ममता बनर्जी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव फेस्टिवल की तरह होता है। चुनाव से तीन महीने पहले पश्चिम बंगाल में एसआईआर की जरूरत क्या थी? उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में जेन्युइन वोट काटे गए हैं। वहीं मीटिंग बीच में छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारा सम्मान नहीं किया इसलिए मीटिंग बीच में ही छोड़ दिया। ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस के दल के साथ काले रंग के लिबास में चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंची थीं। 

हमारा अपमान किया गया-ममता

ममता बनर्जी ने कहा, "क्या चुनाव आयोग चुनाव से पहले सरकार चुनेगा... हम देख रहे हैं। आपके पास BJP की ताक़त है। हमारे पास लोगों की ताक़त है। इसलिए हमने मीटिंग का बॉयकॉट किया। उन्होंने हमारी बेइज्ज़ती की, हमें ज़लील किया। मैं कह रही हूं कि ये चुनाव आयोग बहुत एरोगेंट है।  जानबूझकर उसने हमारे साथ इतना बुरा बर्ताव किया। उसने बुरा बर्ताव किया, और उसने हमारे साथ बुरा सलूक किया। मैंने कहा, मुझे अफ़सोस है कि हम न्याय दिलाने के लिए आपके साथ आए। हमें न्याय नहीं मिला, लेकिन आप अन्याय कर रहे हैं और झूठ बोल रहे हैं। वह बहुत बड़ा झूठा है। वह हमारे सवालों के बाद ब्रीफ़िंग दे रहा है। सब बकवास है, सब झूठ है। हमने पांच चिट्ठियां दीं, और उसने एक का भी जवाब नहीं दिया।"

चुनाव का बहिष्कार नहीं करेंगे, मजबूती से लड़ेंगे-ममता

ममता बनर्जी ने कहा कि बंगाल में SIR में जिन लोगों की मौत हुई उसकी जिम्मेदारी चुनाव आयोग को लेनी होगी। बंगाल में 8100 माइक्रो आब्जर्वर क्यों नियुक्त किया गया? ममता ने कहा कि हमलोग चुनाव का बहिष्कार नहीं करेंगे बल्कि पूरी मजबूती से लड़ेंगे।

टीएमसी के साथ मीटिंग पर चुनाव आयोग ने क्या कहा?

वहीं चुनाव आयोग ने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व में AITC प्रतिनिधिमंडल ने आज आयोग से मुलाकात की और पश्चिम बंगाल में चल रहे SIR से संबंधित कुछ मुद्दे उठाए। CEC ने उनके सवालों का जवाब दिया और समझाया कि कानून के मुताबिक काम होगा और जो कोई भी कानून अपने हाथ में लेगा, उससे कानून के प्रावधानों और आयोग को मिली शक्तियों के अनुसार सख्ती से निपटा जाएगा।

TMC विधायक खुलेआम आयोग और खासकर CEC के खिलाफ अपमानजनक और धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। साथ ही चुनाव अधिकारियों को भी धमकी दे रहे हैं। TMC कार्यकर्ताओं/विधायकों द्वारा ERO (SDO/BDO) कार्यालयों में तोड़फोड़ की घटनाएं हुई हैं। SIR के काम में लगे अधिकारियों पर किसी भी तरह का कोई दबाव, रुकावट या दखल नहीं होना चाहिए। बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को देय मानदेय बिना किसी और देरी के समय पर जारी किया जाए। अभी तक प्रति BLO 18,000 रुपये में से सिर्फ 7,000 रुपये का भुगतान किया गया है।

 

 

 

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