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''पानी में गए पैसे'', डाकघर में घुसा पानी, नकदी-बचत प्रमाणपत्र और दस्तावेज सब भीगकर बर्बाद; VIDEO

डाकघर जैसी संस्था, जिसे आमतौर पर सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहां इस तरह की लापरवाही और संकट ने लोगों को चौंका दिया है। कर्मचारियों को खुले में गीले नोट और दस्तावेज सुखाते देखा गया। यह एक ऐसा दृश्य था जो किसी सरकारी तंत्र की असफलता को उजागर करता है।

odisha- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT नकदी से लेकर बचत प्रमाणपत्र और निवेश रजिस्टर तक सब कुछ पानी में भीग गया।

पानी में पैसे जाने की कहावत आज ओडिशा के बालेश्वर के लोगों के लिए एक कड़वी सच्चाई बनकर सामने आई, जब लगातार हो रही भारी बारिश के कारण शहर के डाकघर मुख्यालय में पानी घुस गया और वहां रखे हजारों रुपये नकद और निवेश से जुड़े दस्तावेज भीगकर खराब हो गए। डाकघर जैसी संस्था, जिसे आमतौर पर सबसे सुरक्षित माना जाता है, वहां इस तरह की लापरवाही और संकट ने लोगों को चौंका दिया है।

सरकारी तंत्र की असफलता को उजागर

जानकारी के अनुसार, बुधवार को हुई मूसलधार बारिश के बाद शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए। सबसे अधिक नुकसान डाक अधीक्षक कार्यालय को हुआ, जहां पानी घुसने से नकदी से लेकर बचत प्रमाणपत्र और निवेश रजिस्टर तक सब कुछ पानी में भीग गया। कर्मचारियों को खुले में गीले नोट और दस्तावेज सुखाते देखा गया। यह एक ऐसा दृश्य था जो किसी सरकारी तंत्र की असफलता को उजागर करता है।

चेतावनी के बावजूद प्रशासन ने ठोस तैयारी क्यों नहीं की?

बताया जा रहा है कि बारिश मंगलवार रात से ही शुरू हो गई थी और बुधवार दोपहर तक शहर की अधिकांश सड़कें और सरकारी कार्यालय जलभराव की चपेट में आ गए थे। लेकिन डाकघर जैसे अहम स्थान पर पानी का घुस जाना, यह सवाल उठाता है कि आखिर प्रशासन ने भारी बारिश की चेतावनी के बावजूद कोई ठोस तैयारी क्यों नहीं की?

घटना का वीडियो आया सामने-

जानकारी के अनुसार, सबसे ज्यादा नुकसान उन दस्तावेजों को हुआ है जो जमीन के पास रखे गए थे। कई निवेशकों ने चिंता जताई है कि उनके बचत खाते, मनी ऑर्डर, पेंशन योजनाओं से जुड़े दस्तावेज़ और जमा धन की स्थायी हानि न हो जाए। फिलहाल, कर्मचारी अपने स्तर पर नुकसान को संभालने की कोशिश कर रहे हैं और क्षतिग्रस्त फाइलों को सुखाकर सुरक्षित करने का प्रयास जारी है।

हर साल बारिश के पानी के डूबता है बालेश्वर

यह पहली बार नहीं है जब बालेश्वर शहर बारिश में डूबा है। हर साल इसी तरह जलभराव होता है, क्योंकि नालियों की समय पर सफाई नहीं होती और अवैध निर्माण जल निकासी के रास्ते रोक देते हैं। इस बार इस लापरवाही की कीमत आम जनता को अपने पैसों और भरोसे से चुकानी पड़ रही है। हालांकि, डाकघर प्रशासन ने लोगों को आश्वासन दिया है कि सभी दस्तावेजों और रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन एक सवाल अभी भी बाकी है- क्या अगली बार भी ऐसा ही होगा या प्रशासन अब भी चेतावनी को गंभीरता से लेना शुरू करेगा?

आज बालेश्वर के लोगों ने सचमुच देखा कि जब व्यवस्था विफल होती है, तो “पानी में पैसे जाना” केवल कहावत नहीं, एक त्रासदी बन जाती है।

(ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)

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