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नए साल पर देख सकेंगे भारत का इकलौता सक्रिय ज्वालामुखी, लगेंगे करीब 3 से 8 हजार रुपये, जानें कैसे

भारत के इकलौते सक्रिय ज्वालामुखी को लोग नए साल की पूर्व संध्या पर लोग भी देख सकेंगे। इसके लिए लोगों को करीब 3 से 8 हजार रुपये कर खर्च करने पड़ेंगे। आइए जानते हैं कि ये होगा कैसे।

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Image Source : PEXELS सांकेतिक फोटो।

दुनियाभर के विभिन्न देशों से ज्वालामुखी के फटने की खबरें सामने आती रहती हैं। पर क्या आपको मालूम है कि भारत में भी एक एक्टिव ज्वालामुखी मौजूद है? जी हां, दरअसल, भारत के केंद्रशासित प्रदेश अंडमान और निकोबार में मौजूद बैरन द्वीप पर देश का इकलौता एक्टिव ज्वालामुखी स्थित है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लोग अब इस ज्वालामुखी की झलक भी देख सकते हैं। इसके लिए लोगों को एक छोटी सी फीस जमा करनी होगी। आइए जानते हैं कि ये होगा कैसे।

कैसे कर सकेंगे यात्रा?

दरअसल, अंडमान और निकोबार प्रशासन नए साल की पूर्व शाम पर एक क्रूज यात्रा की योजना बना रहा है। इसकी मदद से लोग भारत के एकमात्र सक्रिय ज्वालामुखी को देख सकेंगे। ये क्रूज 31 दिसंबर की रात 9 बजे श्री विजय पुरम के हद्दो घाट से चलेगी और अगले दिन 1 जनवरी को दोपहर 2 बजे तक वापस लौटेगी। ये क्रूज यात्रियों को रोमांच, उत्सव और प्राकृतिक भव्यता के साथ द्वीप को दिखाएगी। इसके अलावा नए साल पर जश्न के लिए एमवी स्वराज द्वीप पर लजीज खाने के सथ ही म्यूजिक और अन्य एक्टिविटीज भी होंगी।

कितनी भरनी होगी फीस?

अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, यात्री अपनी सुविधा और बजट के मुताबिक, कई ट्रैवल कैटेगरियों को चुन सकते हैं। पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए खाने-पीने की भी व्यवस्था होगी। इस क्रूज का संचालन पोत परिवहन सेवा निदेशालय (DSS) करेगा और टिकट भी DSS की वेबसाइट पर बुक हो सकती हैं। टिकट की कीमत 3,180 रुपये प्रति व्यक्ति से शुरू होकर 8,310 रुपये तक रखी गई है।

जानें बैरन द्वीप के ज्वालामुखी के बारे में

जानकारी के लिए बता दें कि श्री विजयपुरम (पूर्व में पोर्ट ब्लेयर) से बैरन द्वीप की दूरी समुद्र मार्ग से लगभग 140 किलोमीटर है। बैरन द्वीप भारतीय और बर्मी टेक्टोनिक प्लेटों के संगम पर स्थित है। इस द्वीप का क्षेत्रफल 8.34 वर्ग किलोमीटर है। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बैरन द्वीप पर पहला ज्वालामुखी विस्फोट 1787 में हुआ था। वहीं, 1991, 2005, 2017, 2022 और 2025 में सितंबर व नवंबर में हल्के विस्फोट दर्ज किए गए हैं। (इनपुट: भाषा)

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